ईरान : किसे मिलेगा रईसी की गद्दी?  राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग जारी

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नई दिल्ली/तेहरान : ईरान में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया हैं. इस चुनाव प्रक्रिया की निगरानी कर रहे गृह मंत्री अहमद वहीदी ने बताया कि सुबह (स्थानीय समयानुसार) आठ बजे मतदान शुरू हुआ. ईरान के 85 वर्षीय सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने चुनाव में पहला वोट डाला और जनता से मतदान करने का आग्रह किया. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है.

उनका मानना है कि मुख्य मुकाबला दो कट्टरपंथी उम्मीदवार पूर्व परमाणु वार्ताकार सईद जलीली और संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कलीबाफ और सुधारवादी के तौर पर पहचाने जाने वाले उम्मीदवार मसूद पेजेशकियन के बीच है. मसूद का झुकाव पूर्व राष्ट्रपति हसन रूहानी की तरफ है, जिनके शासन के तहत तेहरान ने विश्व शक्तियों के साथ 2015 का ऐतिहासिक परमाणु समझौता किया था. हालांकि परमाणु समझौता रद्द हो गया और कट्टरपंथी नेता दोबारा सत्ता पर काबिज हो गए.

आर्थिक संकट से जूझ रहा ईरान : मसूद भी अपना वोट डाल चुके हैं. इसके बाद उन्होने कहा कि हम इजराइल को छोड़कर सभी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रखने का प्रयास करेंगे. बता दें, ये चुनाव ऐसे समय पर हो रहे हैं, जब इजराइल-हमास के बीच जारी युद्ध को लेकर पश्चिम एशिया में व्यापक स्तर पर तनाव है और ईरान पिछले कई वर्षों से आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. पिछले महीने राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की एक विमान दुर्घटना में मौत के बाद यह चुनाव हो रहे हैं.

50 प्रतिशत से अधिक वोट मिलना जरूरी : ईरान में 18 वर्ष से अधिक आयु के लगभग 6.1 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से लगभग 1.8 करोड़ लोग 18 से 30 साल की उम्र के बीच है. ईरानी कानून के अनुसार, जीतने के लिए किसी उम्मीदवार को कुल डाले गए वोटों में से 50 प्रतिशत से अधिक वोट मिलना जरूरी है. अगर ऐसा नहीं होता है, तो दौड़ में शामिल शीर्ष दो उम्मीदवार एक सप्ताह के बाद होने वाले दूसरे चरण के लिए आगे बढ़ेंगे.

80 लोगों ने किया था आवेदन : ईरान में राष्ट्रपति चुनाव के लिए कुल 80 लोगों ने आवेदन किया था. लेकिन बाद में सिर्फ 6 नामों पर ही मुहर लगी. मतदान से ठीक पहले दो राष्ट्रपति उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया. इसके बाद ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में कुल 4 उम्मीदवार रेस मे हैं. इसमें मोहम्मद बाकर कालीबाफ, मुस्तफा पोरमोहम्मदी, मसूद पेजेशकियन और सईद जलीली हैं.

इन मुद्दों पर हो रहा चुनाव : राष्ट्रपति चुनाव में कई अहम मु्द्दे चर्चा में बने हुए हैं. इनमें भ्रष्टाचार के लेकर ब्रेन ड्रेन, प्रेस की आजादी, पश्चिमी देशों के प्रतिबंध और हिजाब कानून जैसे मुद्दे हैं. साल 2022 में देशव्यापी हिजाब विरोधी आंदोलन के बाद से हिजाब एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है. हालांकि लोगों का मानना है कि जुमे के दिन की वजह से मतदान प्रतिशत घट सकता है.

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