अरुणाचल प्रदेश : प्रवासी युवक रियाज की पीट-पीटकर हत्या, कई लड़कियों के यौन उत्पीड़न का था आरोपी

ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश के निचली दिबांग घाटी के रोइंग कस्बे में कर्फ्यू लगाया गया है। दरअसल, पड़ोसी राज्य असम के एक प्रवासी युवक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। इसके बाद तनाव बढ़ा हुआ है। युवक ने कथित तौर पर कई लड़कियों का यौन उत्पीड़न किया था। पुलिस ने यह जानकारी दी।

बोंगाईगांव निवासी रियाज-उल कुरीम (19 वर्षीय) को शुक्रवार को पुलिस ने हिरासत में लिया, जब यह बात सामने आई कि उसने एक स्कूल की कई लड़कियों का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया है। लड़कियों के अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने युवक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई की, जिसके बाद पुलिस ने उसे बचाकर हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, भीड़ थाने में घुसी और युवक को घसीटकर बाहर ले गई और फिर उसकी पिटाई। जब उसे बचाकर अस्पताल ले जाया गया, तो भीड़ ने उसका पीछा किया और फिर उसे पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई।

आरोपी युवक स्कूल के पास निर्माण स्थल पर काम करता था। अब तक छह से नौ साल की आठ नाबालिग लड़कियों का चिकित्सा परीक्षण किया गया है। निचली दिबांग घाटी के पुलिस अधीक्षक रिंगू न्गुपोक ने बताया कि स्कूल के एक छात्रावास में रहने वाले बच्चों का एक हफ्ते तक आरोपी युवक ने कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया। जांच में शामिल एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि छात्रावास में बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था का अभाव था, क्योंकि खिड़कियों पर ग्रिल नहीं थी और दरवाजों पर ताले भी नहीं लगे थे, जिससे बच्चे असुरक्षित महसूस करते थे।

उन्होंने बताया, आरोपी छात्रावास परिसर में बेरोकटोक घुस जाता था। सुरक्षा अवरोधों और उचित निगरानी के अभाव में उसके लिए रात में लड़कियों तक पहुंचना आसान हो गया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया, गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे अभिभावकों और शिक्षकों की बैठक बुलाई गई थी। रात करीब साढ़े आठ बजे हमें सूचना मिली की पीड़ितों के माता-पिता और रिश्तेदारों ने निर्माण स्थल पर काम कर रहे सभी मजदूरों पर हमला करना शुरू कर दिया है। तनाव बढ़ने पर कुरीम घटनास्थल से फरार हो गया। हमले सभी 17 मजदूरों को बचाया और बाद उनके बयान दर्ज करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया।

इसके बाद शुक्रवार को पीड़ितों के माता-पिता और स्थानीय युवकों ने कुरीम को पास की एक कॉलोनी से ढूंढ निकाला। उन्होंने बताया कि पुलिस के दखल देने और उसे हिरासत में लेने से पहले उसकी पिटाई की गई। हालांकि, भीड़ ने पीछा किया, पुलिस थाने में घुसी, युवक को जबरन हिरासत से निकाला और उस पर हमला किया। पुलिस और स्थानीय विधायक की ओर से कई गई शांति की अपील को नजरअंदाज किया गया।

उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया है। लेकिन भीड़ ने फिर उसका पीछा किया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। रोइंग जिला अस्पताल में एक न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने शव परीक्षण कराया गया।

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