वैलेंटाइन वीक में प्यार जताने का हर दिन खास होता है, लेकिन चॉकलेट डे की बात ही कुछ अलग है. 7 फरवरी से शुरू होने वाले इस रोमांटिक हफ्ते में रोज डे और प्रपोज डे के बाद 9 फरवरी को मनाया जाता है चॉकलेट डे. इस दिन लोग अपने पार्टनर, क्रश, दोस्त या किसी खास इंसान को चॉकलेट देकर अपने रिश्तों में मिठास भरते हैं.
यह चॉकलेट सिर्फ एक तोहफा नहीं, बल्कि बिना शब्दों के भावनाएं जताने का सबसे प्यारा तरीका है. यही वजह है कि चॉकलेट डे युवाओं के साथ-साथ हर उम्र के लोगों को पसंद आता है. इस स्टोरी में हम आपको इस दिन के बारे में कुछ खास बाते बताएंगे और इस दिन का इतिहास कितना पुराना इसके बारे में भी बताएंगे.
चॉकलेट को लंबे समय से प्यार, अपनापन और खुशी का प्रतीक माना जाता रहा है. माना जाता है कि जब 19वीं सदी के आसपास वैलेंटाइन डे दुनियाभर में मशहूर हो चुका था, तभी से चॉकलेट को प्रेम का जरिया बनाने की परंपरा भी शुरू हुई. खासतौर पर साल 1840 के बाद चॉकलेट को गिफ्ट के रूप में देने का चलन बढ़ा और धीरे-धीरे चॉकलेट डे वैलेंटाइन वीक का अहम हिस्सा बन गया. समय के साथ यह दिन रिश्तों में नजदीकियां बढ़ाने और भावनाओं को मीठे अंदाज में जाहिर करने का प्रतीक बन गया, यही वजह है कि इस दिन के बिना वैलेंटाइन वीक अधूरा माना जाता है.
चॉकलेट डे सिर्फ रोमांस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध हमारी भावनाओं और मनोदशा से भी है. खासतौर पर डार्क चॉकलेट को खुशी बढ़ाने वाला माना जाता है. रिसर्च के अनुसार, चॉकलेट खाने से तनाव कम होता है और दिमाग को सुकून मिलता है. यही कारण है कि लोग अपने खास लोगों को उनकी पसंदीदा चॉकलेट देकर उन्हें खुश करने की कोशिश करते हैं. ताकि रिश्ते में मिठास आए और मजबूती बनी रहे.
आपको शायद मालूम न हो, लेकिन डार्क चॉकलेट खाने से शरीर में सेरोटोनिन और एंडॉर्फिन जैसे ‘फील गुड’ हार्मोन रिलीज होते हैं, जो खुशी और पॉजिटिव एनर्जी बढ़ाते हैं. जब आप किसी अपने को चॉकलेट देते हैं, तो वह पल सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं रहता, बल्कि भावनात्मक रूप से भी खास बन जाता है. कम शब्दों में ज्यादा भावनाएं जताने के लिए चॉकलेट आज भी सबसे प्यारा और आसान तरीका है. ऐसे में अगर आप भी चॉकलेट डे में आपने पार्टनर को खुश करना चाहते हैं, तो उन्हें अच्छा से चॉकलेट जरूर दें.