जम्मू : दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े संदिग्ध आतंकी मोहम्मद अदनान (दिल्ली) और अदनान खान (भोपाल) फिदायीन हमले की ट्रेनिंग ले रहे थे। ये दोनों दिल्ली में फिदायीन हमले की फिराक में थे। दिल्ली पुलिस ने संदिग्धों को दबोच कर दिल्ली को दहलने से बचा लिया है।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि मोहम्मद अदनान ने सीरिया स्थित हैंडलर के माध्यम से वर्तमान आईएसआईएस खलीफा अबू हफ्स अल-हाशिमी अल-कुरैशी से बैयाह (वफादारी की शपथ) लेने की बात स्वीकार की है। सबूत के तौर पर इंस्पेक्टर सुनील राजैन और इंस्पेक्टर धीरज महलावत ने इनसे वीडियो भी जब्त की है। बैयाह का वीडियो उस समय रिकॉर्ड किया गया था जब संदिग्ध आईएसआईएस की पोशाक पहने हुआ था। यह मॉड्यूल संपादित जिहादी वीडियो प्रसारित करके युवाओं की भर्ती के लिए सोशल मीडिया चैनल चलाता था। दोनों कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय थे और उनका इस्तेमाल चरमपंथी सामग्री फैलाने, अनुयायियों की भर्ती करने और गतिविधियों का समन्वय करने के लिए कर रहे थे।
भोपाल के संदिग्ध को पहले यूपी एटीएस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था। 2024 में जमानत मिलने के बाद उसने मुख्य रूप से ऑनलाइन भर्ती और दुष्प्रचार प्रसार के माध्यम से आतंकवाद से संबंधित गतिविधियां फिर से शुरू कर दीं। इंस्पेक्टर मान सिंह व इंस्पेक्टर धीरज महलावत की टीम ने विशिष्ट खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए 16 अक्तूबर को दक्षिण दिल्ली के सादिक नगर में घेराबंदी कर मोहम्मद अदनान खान को उसके घर के पास सड़क पर से हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि वह सोशल मीडिया के जरिए भोपाल के एक युवक के संपर्क में था।
दिल्ली के मोहम्मद अदनान ने आईएसआईएस के लिए बैअत लेते हुए एक वीडियो रिकॉर्ड करने और उसे अपने विदेशी हैंडलर को भेजने की बात स्वीकार की। उसने आईएसआईएस खलीफा अबू हफ्स अल-हाशिमी अल-कुरैशी के प्रति निष्ठा की शपथ लेने की भी बात स्वीकार की। उसके घर की तलाशी के दौरान तीन मोबाइल बरामद किए गए। इनमें आईएसआईएस से जुड़ी सामग्री, तस्वीरें और रिमोट डेटोनेशन सिस्टम, प्लास्टिक बम और मोलोटोव कॉकटेल बनाने के निर्देश, एक पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, एक आईएसआईएस झंडा, बैअत के दौरान इस्तेमाल किए गए कपड़े और एक आईईडी में इस्तेमाल के लिए बनाई गई टाइमर घड़ी शामिल है।
अदनान खान को मध्य प्रदेश पुलिस (भोपाल एटीएस) के सहयोग से 18 अक्तूबर को करोंद, भोपाल, मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि ऑनलाइन जिहादी सामग्री देखने के बाद वह कट्टरपंथी हो गया था और उसने अपने इंस्टाग्राम चैनल पर धमकी भरी सामग्री पोस्ट की थी। इनमें एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश को धमकी देने वाला पोस्ट भी शामिल था। जब न्यायाधीश ने ज्ञानवापी का वीडियो सर्वेक्षण करने का आदेश दिया था।
मूलरूप से उत्तर प्रदेश के एटा का रहने वाला आरोपी मोहम्मद अदनान खान मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखता है। उसके पिता सलीम खान दूरदर्शन में ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं और उसकी मां अंजुम खान गृहिणी हैं। उसकी तीन बड़ी बहनें हैं, सभी विवाहित हैं। उसने एटा में दसवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी की। 2022 में उसके पिता के तबादले के बाद परिवार दिल्ली आ गया। मोहम्मद अदनान ने दिल्ली में पढ़ाई फिर से शुरू करने की कोशिश की लेकिन परीक्षा पास नहीं कर पाया। 2025 में डेटा सूचना प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा पूरा किया। मोहम्मद अदनान ने बताया कि 2023 में सादिक नगर में सरकारी आवास मिलने के बाद इंस्टाग्राम पर कट्टरपंथी पेजों को फॉलो करना शुरू कर दिया। वह एक कट्टरपंथी ग्रुप में शामिल हो गया। इसमें शुरुआत में 25-30 सदस्य थे।
मध्य प्रदेश के भोपाल के करोंद निवासी अदनान खान भी मध्यमवर्गीय परिवार से है। इसके पिता सलाम विभिन्न निजी फर्मों में अकाउंटेंट के रूप में काम करते हैं और मां एक अंशकालिक अभिनेत्री हैं। भोपाल से 12वीं कक्षा पूरी की और वर्तमान में ईदगाह, भोपाल में एक व्यक्ति के मार्गदर्शन में चार्टर्ड अकाउंटेंसी की पढ़ाई कर रहा था। 12वीं कक्षा के बाद अदनान खान ने जिहादी पेजों और चैनलों को फॉलो करना शुरू कर दिया और आईएसआईएस की विचारधारा से प्रभावित हो गया।
इन दोनों संदिग्ध आतंकियों के पाकिस्तानी आईएसआई से भी लिंक उजागर हुए हैं। अभी दिल्ली पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये आतंकी पाकिस्तानी आईसएसआई के इशारे पर ही दिल्ली को दहलाने की साजिश रच रहे थे? सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि एक महीने के भीतर मध्य प्रदेश से आईएसआईएस मॉड्यूल में दूसरी गिरफ्तारी हुई है। इससे पहले राजगढ़ जिले के ब्यावरा कस्बे से कमरान कुरैशी को स्पेशल सेल ने पकड़ा था।
