नई दिल्ली : दिल्ली में बांग्लादेशी स्टूडेंट Mahdi पकड़ा गया है, जो बांग्लादेश में हिंदू पुलिस अफसर को मारने के मामले में वांटेड है। इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने इस बांग्लादेशी नागरिक को पकड़कर वापस बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया है। इस बांग्लादेशी नागरिक का पूरा नाम महदी अहमद रजा हसन है। हिंसा के दौरान, महदी का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह पुलिस अफसरों को थाने में बैठकर धमकाता दिख रहा था।
दरअसल, महदी अहमद रजा हसन पर आरोप है कि उसने बांग्लादेश हिंसा के दौरान एक हिंदू बांग्लादेशी पुलिस अफसर की हत्या की थी। मृतक हिंदू बांग्लादेशी पुलिस अफसर का नाम संतोष चौधरी था। आरोपी भारत होते हुए फिनलैंड भागने की फिराक में था लेकिन इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने उसे पकड़ लिया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, महदी ने कथित रूप से पुलिस अफसर संतोष चौधरी की हत्या की। इस वारदात को उसने बानियाचंग पुलिस स्टेशन पर हुए हमले के दौरान अंजाम दिया। अटैक के बाद संतोष चौधरी का शव एक पेड़ से लटका बरामद हुआ था। यह घटना 5 अगस्त 2024 को हुई थी, जिस दिन बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री अपने देश के निष्कासित हुई थीं।
गौरतलब है कि इस घटना वाले दिन आक्रोशित भीड़ ने थाने को घेर लिया था और उसमें आग लगा दी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी दौरान हिंदू पुलिस अफसर संतोष चौधरी को पीट-पीटकर मार डाला था। दावा ये भी किया गया था कि दंगाइयों ने उन्हें जिंदा जला दिया था।
बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन के दौरान जब हिंदू पुलिस अफसर संतोष चौधरी को मारा गया, तब उनकी शादी को कुछ ही महीने हुए थे। हबीगंज के बानियाचांग थाने पर अटैक में मौत के 3 महीने बाद, संतोष चौधरी की पत्नी ने एक बेटे को जन्म दिया। जिसके सिर से पिता का साया दंगाइयों ने उसके दुनिया में आने से पहले ही उठा दिया।