अखंड भारत-प्राचीन शक्ति का प्रतीक, पुतिन के गुरु ने सनातन परंपराओं पर मोदी के प्रयासों को सराहा

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नई दिल्ली : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को राजनीति सिखाने वाले उनके गुरु अलेक्जेंडर दुगिन ने भारत को लेकर अपने विचार साझा किए हैं. अखंड भारत के विचार से प्रभावित अलेक्जेंडर दुगिन ने भारत को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति के रूप में देखा है. पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती भूमिका और इसकी प्राचीन परंपराओं को पुनर्जीवित करने के प्रयासों को उन्होंने जमकर सराहा.

अखंड भारत-भारत की प्राचीन शक्ति का प्रतीक : रूसी राजनीतिक विचारक और फिलॉसफर अलेक्जेंडर दुगिन ने भारत को “अखंड भारत” के रूप में देखने की बात कही. उन्होंने इसे केवल एक भौगोलिक विस्तार नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति बताया. दुगिन का मानना है कि भारत की प्राचीन वैदिक परंपराएं और उसकी गहरी सांस्कृतिक जड़ें दुनिया को नई दिशा देने की क्षमता रखती हैं.

पीएम मोदी के बारे में क्या बोले दुगिन : दुगिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने भारत की प्राचीन वैदिक परंपराओं को आधुनिकता से जोड़ने का कार्य किया है. दुगिन के अनुसार, पीएम मोदी के प्रयासों से भारत एक ऐसी ताकत के रूप में उभरा है. जो अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए वैश्विक मंच पर अपनी धाक जमा रहा है.

भारत की वैश्विक पहचान में वृद्धि : दुगिन ने भारत की तेजी से बढ़ती वैश्विक ताकत की चर्चा करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक, तकनीकी और आत्मनिर्भरता के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है. उनकी नजर में भारत की यह प्रगति वैश्विक शक्ति-संतुलन में एक अहम भूमिका निभा रही है.

हिंदुत्व-केवल विचारधारा नहीं, एक जीवन शैली : दुगिन ने हिंदुत्व को एक जीवन शैली बताते हुए इसे मानवीय मूल्यों का प्रतीक बताया. उन्होंने इसे अहिंसा, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतिनिधित्व करने वाला बताया. दुगिन ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हिंदुत्व ने भारत को विश्वगुरु के रूप में स्थापित करने में मदद की है.

ब्रिक्स को लेकर क्या बोले दुगिन : ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) पर चर्चा करते हुए दुगिन ने इसे एक नए विश्व व्यवस्था का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि यह संगठन शक्ति संतुलन को मजबूत करता है और प्रतिस्पर्धा की बजाय सहयोग को बढ़ावा देता है. भारत की भूमिका को उन्होंने इसमें महत्वपूर्ण बताया.

भारत की आध्यात्मिक शक्ति : दुगिन ने भारत को एक ऐसी शक्ति बताया, जो आधुनिकता और आध्यात्मिकता का अद्वितीय मेल प्रस्तुत करता है. उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपराएं और सांस्कृतिक मूल्यों के कारण यह विश्व के लिए मार्गदर्शक बनने की क्षमता रखता है. दुगिन ने निष्कर्ष में कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में संतुलन और शांति स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. उनके अनुसार भारत की प्राचीन परंपराएं और आधुनिक प्रगति मिलकर इसे एक नई विश्व व्यवस्था का प्रमुख स्तंभ बनाती हैं.

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