विशाखापट्टनम : देशभर में पुलों का जाल बिछाया जा रहा है. नदियों पर, पहाड़ियों पर या फिर खाड़ियों में पुलों का निर्माण किया जा रहा है, इसके जरिए लोगों की यात्रा में काफी ज्यादा आसानी के साथ हो जाती है. ऐसे ही आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में देश का सबसे लंबा ग्लास स्काईवॉक ब्रिज बनाया गया है. यह पुल 55 मीटर लंबा है, जो अपने आप में काफी ज्यादा अनोखा है, यह ब्रिज काफी रोमांचकारी भी है. पर्यटन की दृष्टि से भी इस ब्रिज की काफी ज्यादा अहमियत है.
यह ब्रिज कैलासगिरी की पहाड़ियों पर स्थित है, इसकी लंबाई 55 मीटर है. यह भारत का सबसे लंबा हैंगिंग ग्लास ब्रिज है. इसकी लंबाई केरल के वागामोन ग्लास ब्रिज से भी ज्यादा है.
वागामोन ग्लास ब्रिज की लंबाई 38 मीटर है. लेकिन यह ब्रिज इससे लंबा है यह विशाखापत्तनम को साहसिक पर्यटन स्थल बनाएगा, पर्यटन की दृष्टि से ये काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है.
ET की रिपोर्ट के मुताबिक इस ब्रिज से बंगाल की खाड़ी, शहर, और हरे-भरे पूर्वी घाट का शानदार दृश्य दिखाई देगा, यह प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए बेस्ट स्थान रहेगा.
TOI की रिपोर्ट के अनुसार यह पुल जमीन से लगभग 862 फीट (262 मीटर) ऊपर स्थित है. पुल के निर्माण में लगे पारदर्शी कांचों पर चलने से ऐसा लगेगा कि आप जैसे हवा में तैर रहे हैं.
इसके अलावा बता दें कि ये ब्रिज 40 मिमी मोटे टेम्पर्ड ग्लास की तीन परतों और 40 टन स्टील से बना है, यह 500 किलोग्राम प्रति वर्ग मीटर तक का वजन सहन कर सकता है, यह ब्रिज लोगों के लिए अगले हफ्ते खुल सकता है. हालांकि इसकी आधिकारिक डेट की घोषणा नहीं की गई है.
