मुंबई : मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने फर्जी भारतीय पासपोर्ट के जरिए विदेश जाने की कोशिश कर रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 38 वर्षीय मार्डी लिटन के रूप में हुई है, जिसने भारत में अपनी पहचान छिपाने के लिए अपना नाम बदलकर लिटन दास रख लिया था। वह बैंकॉक में काम करने वाली अपनी बांग्लादेशी प्रेमिका से मिलने के लिए थाईलैंड जाने की कोशिश कर रहा था।
जांच अधिकारियों के अनुसार, यह घटना 11 मार्च की सुबह करीब 8 बजे की है। लिटन गोवा से मुंबई आया था और यहां से बैंकॉक की फ्लाइट पकड़ने वाला था। जब वह इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंचा और अपना भारतीय पासपोर्ट जांच के लिए दिया, तो अधिकारियों को सिस्टम मे ‘ड्रिल स्टेट्स’ का अलर्ट दिखाई दिया।
यह अलर्ट आमतौर पर तब दिखता है जब पासपोर्ट रद्द, जब्त, खोया या चोरी घोषित किया गया होता है। अलर्ट देखने के बाद ड्यूटी पर तैनात सहायक इमिग्रेशन अधिकारी स्वामीनाथ दाते को शक हुआ। उन्होंने मामले की जांच की तो यह भी सामने आया कि पासपोर्ट पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाके से जारी किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए लिटन से कड़ी पूछताछ की गई, उसने अपना असली सच कबूल कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह वर्ष 2018 में अवैध तरीके से बांग्लादेश से भारत में दाखिल हुआ था। बाद में वह पश्चिम बंगाल के शांतीपुर इलाके में रहने लगा और अपनी पहचान बदल ली। वर्ष 2022 में उसने एक स्थानीय एजेंट को करीब 50 हजार रुपये देकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया। पासपोर्ट मिलने के बाद वह गोवा चला गया और वहां एक होटल में वेटर का काम करने लगा।
इस बीच वह अपनी प्रेमिका से मिलने बैंकॉक जाने की योजना बना रहा था, लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन जांच के दौरान उसका फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। इमिग्रेशन अधिकारी स्वामीनाथ दाते की शिकायत पर सहार पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब उस एजेंट की तलाश कर रही है जिसने आरोपी को फर्जी भारतीय दस्तावेज और पासपोर्ट बनवाकर दिया था।
