नई दिल्ली : असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही कई जरूरी घोषणाएं की हैं. उन्होंने कैबिनेट बैठक के बाद ये घोषणाएं की. इन फैसलों का उद्देश्य राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और स्थानीय समुदायों की भावनाओं का सम्मान करने है. इनमें मुख्य फैसला बारपेटा में स्थित फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज का नाम बदलना है.
असम सरकार ने बरपेटा स्थित ‘फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल’ का नाम बदलने का फैसला कर लिया है. अब इसे बरपेटा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के नाम के बुलाया जाएगा. वहीं मुख्यमंत्री ने ये भी स्पष्ट किया है कि फखरुद्दीन अली अहमद भारत के राष्ट्रपति थे और असम से इस पद पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति थे. ऐसे में उनके प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए सरकार किसी दूसरे जरूरी संस्थान को उनके नाम पर समर्पित करेगी. अस्पताल का नाम बदलने का फैसला स्थानीय पहचान और प्रशासनिक स्पष्टता को ध्यान में रखकर उठाया गया है.
असम कैबिनेट ने फेमस सिंगर और कल्चरल आइकन जुबीन गर्ग के सम्मान में भी एक बड़ा फैसला लिया है. सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने जुबीन गर्म समाधि क्षेत्र के निर्माण के लिए सांस्कृतिक मामलों के विभाग को 10 बीघा जमीन देने की मंजूरी दी है. ये फैसला उनकी योगदान को याद करने के साथ-साथ असल के कला और संगीत प्रेमियों के लिए भी एक प्रेरणा केंद्र के रूप में काम करेगा.
असम के कल्चर और ट्रेडिशन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई फैसले लिए. असम कैबिनेट ने उनके प्रमुख त्योहार ‘अली-ऐ-लिगांग’ के अवसर पर राज्य अवकाश की घोषित करने को मंजूरी दे दी है. ये त्योहार कृषि और प्रकृति से जुड़ा है. ये त्योहार मिसिंग समुदाय का एक अहम त्योहार है. इस फैसले के बाद इस समुदाय की लंबे समय से चल रही मांग पूरी हुई है.
