नई दिल्ली : बांग्लादेश में हिंदुओं पर जुल्म लगातार बढ़ता जा रहा है. उनके घरों और दुकानों को आग लगाई जा रही है और हिंदुओं को चुन-चुनकर मारा जा रहा है. हिंदुओं के खिलाफ माहौल बनाने में वहां के मुल्ला-मौलवियों में होड़ लगी है. अब सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बांग्लादेश के कुछ मौलवी हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊ बयान देते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में लोगों से अपील की जा रही है कि वे आगामी आम चुनावों में किसी भी हिंदू या गैर-मुस्लिम उम्मीदवार का समर्थन न करें.
किसी भी काफिर को वोट देना हराम- मौलवी : एक मजहबी टॉक शो में एक व्यक्ति कॉल करके सवाल पूछता है. जिसके जवाब में मौलवी कहता है कि किसी भी हिंदू उम्मीदवार या काफिर को वोट देना इस्लाम में हराम है.
एक अन्य वीडियो क्लिप में कुछ मौलवी हिंदू धार्मिक स्थलों और संस्थानों के खिलाफ खुलेआम धमकियां देते हुआ दिखाई दे रहे हैं. अनुवाद के अनुसार, एक वक्ता कहता है, बांग्लादेश में मंदिरों को तोड़ने के लिए बनाया गया है. उनकी मूर्तियों को नष्ट करने के लिए बनाया गया है. कोई भी हिंदू बांग्लादेश में नहीं रह सकता, कोई भी इस्कॉन नहीं रह सकता. दिल्ली के दलाल दिल्ली वापस चले जाएं.
भड़काऊ वीडियो में मौलवियों का फतवा : ये भड़काऊ वीडियो ऐसे समय सामने आ रहे हैं, जब बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों को चुन-चुनकर मारा जा रहा है. इस कत्लेआम से भारत में लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. लोग विभिन्न शहरों में रैलियां निकालकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. पिछले कुछ हफ्तों में वहां पर कम से कम 5 हिंदू पुरुषों की पीट-पीटकर बर्बर हत्या कर दी गई है. इन घटनाओं पर कड़ा विरोध जताते हुए भारत ने मोहम्मद यूनुस सरकार से हमलावरों के खिलाफ सख्ती से निपटने का आह्वान किया है.
हाल में उत्तर-पश्चिमी बांग्लादेश के नाओगांव जिले में 25 वर्षीय हिंदू युवक मिथुन सरकार को मार दिया गया. कट्टरपंथियों की भीड़ ने चोरी का आरोप लगाकर उसे जमकर पीटा. भीड़ से बचने के लिए वह पास में बह रही नहर में कूदा, जहां डूबने से उसकी मौत हो गई.
बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्लेआम जारी : इसके अलावा 5 जनवरी को पलाश उपजिला में किराने की दुकान करने वाले मोनी चक्रवर्ती (40) की दुकान में हत्या कर दी गई. उसी दिन आइस फैक्ट्री के मालिक और दैनिक BD खबर के कार्यकारी संपादक राणा प्रताप बैरागी (38) की जेसोर में गोली मारकर हत्या कर दी गई. उससे पहले 31 दिसंबर को खोकन चंद्र दास (50) को जिंदा जलाकर मार दिया गया था.
