नई दिल्ली : भारत सरकार ने बांग्लादेश में अपने हाईकमीशन और दूसरे मिशनों के अधिकारियों के परिवारवालों को भारत आने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक ये फैसला वहां सुरक्षा की मौजूदा व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिया गया है । हालांकि इस दौरान भारतीय मिशन और दूसरे पोस्ट अपना रोजमर्रा का कामकाज जारी रखेंगे और पूरी तरह फंक्शनल हैं। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। इसी दिन जनमत संग्रह भी होना तय है।
अगस्त 2024 में पूर्व पीएम शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद वहां मोहम्मद युनुस प्रशासन के तहत चुनाव हो रहे हैं। इन चुनावों में हसीना के दल अवामी लीग को प्रतिबंधित किया गया है। सूत्रों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर भारत सरकार सुरक्षा स्थिति की समीक्षा भी कर सकती है।
बता दें हाल के वक्त में भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक असहजता भी देखने को मिली है। बीते दिनों छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले । बांग्लादेश में भारतीय मिशन और राजनयिकों की सुरक्षा भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस मसले पर भारत ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब भी किया था।
सरकार ने हमीदुल्ला को बुलाकर ढाका में भारतीय मिशनों की सुरक्षा पर चिंता जताई थी। वहीं, बांग्लादेश ने भी भारतीय दूत प्रणय वर्मा के समक्ष दिल्ली स्थित अपने उच्चायोग के बाहर हुए प्रदर्शन पर चिंता जताई थी। इसी दौरान दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेशी हाई कमीशन के बाहर प्रदर्शन किया था
