कोलकाता : भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में एनआरसी करवाने की बात कर रही है. अभी हाल में भी बिहार में केंद्र सरकार ने SIR करवाई है. जहां 35 लाख से भी अधिक लोग मतदाता सूची से बाहर किए गए. अब बंगाल में SIR के लिए केंद्र सरकार ने 4 नवंबर की तारीख रखी है. इसके पहले पश्चिम बंगाल में एक 57 वर्षीय शख्स ने फंदा लगाकर कथित आत्महत्या कर ली और अपने सुसाइड नोट में लिखा, ‘मेरी मौत के लिए एनआरसी जिम्मेदार है.’ ये मामला बंगाल के बैरकपुर में स्थित पानीघाटी इलाके का है जहां प्रदीप कर नाम के एक शख्स ने आत्महत्या कर ली और अपनी मौत से पहले लिखे सुसाइड नोट में एनआरसी को जिम्मेदार ठहरा दिया है. इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस आत्महत्या को लेकर बीजेपी पर जमकर निशाना साधा.
प्रदीप के परिवार के सदस्यों से जब इस बारे में बातचीत की गई तो उनके पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि चुनाव आयोग ने 4 नवंबर को पश्चिम बंगाल मे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) का ऐलान किए जाने के बाद प्रदीप कर सोमवार को बेचैन हो गए. आपको बता दें कि प्रदीप कर का जन्म पश्चिम बंगाल में ही हुआ था लेकिन उनके पिता बांग्लादेश से आए थे. वहीं भारतीय जनता पार्टी ने जैसे असम में अवैध बांग्लादेशियों और घुसपैठियों को बाहर का रास्ता दिखाया है वैसे ही बंगाल में घुसे अवैध घुसपैठियों को निकालने के लिए एनआरसी शुरू करेगी. इस बीच इस पश्चिम बंगाल में हुई इस कथित आत्महत्या ने सियासी बहस को हवा दे दी है. ऐसे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भला शांत कहां रहने वाली. इस शख्स की आत्महत्या पर उन्होंने बीजेपी पर हमला बोल दिया और इसे बीजेपी की भय और बंटवारे की सियासत करार दी.
सीएम ममता बनर्जी ने साधा बीजेपी पर निशाना : पश्चिम बंगाल में इस शख्स की कथित आत्महत्या की खबर सुनते ही सियासी चिंगारी भड़क उठी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया. इस पोस्ट में ममता ने लिखा, ‘4 महाज्योति नगर, पानीहाटी, खरदाहा (वार्ड नंबर 9) के 57 वर्षीय प्रदीप कर ने आत्महत्या कर ली है. उन्होंने एक सुसाइड नोट छोड़ा है जिसमें लिखा है, ‘एनआरसी मेरी मौत के लिए ज़िम्मेदार है.’ BJP की भय और विभाजन की राजनीति का इससे बड़ा अभियोग और क्या हो सकता है? यह सोचकर मैं अंदर तक हिल जाती हूं कि कैसे BJP ने वर्षों से NRC के डर से, झूठ फैलाकर, दहशत फैलाकर और वोटों के लिए असुरक्षा का हथियार बनाकर निर्दोष नागरिकों को सताया है.’
CM ममता ने हमला जारी रखते हुए आगे कहा, ‘BJP ने संवैधानिक लोकतंत्र को एक कठोर कानून व्यवस्था में बदल दिया है. जहां लोगों को अपने अस्तित्व के अधिकार पर ही संदेह करने पर मजबूर कर दिया जाता है. यह दुखद मौत बीजेपी के जहरीले प्रचार का नतीजा है. जो लोग दिल्ली में बैठकर राष्ट्रवाद का उपदेश देते हैं, उन्होंने आम भारतीयों को इतनी निराशा में धकेल दिया है कि वे अपनी ही धरती पर मर रहे हैं. इस डर से कि उन्हें ‘विदेशी’ घोषित कर दिया जाएगा.’
पश्चिम बंगाल में कभी NRC लागू नहीं होने दिया जाएगा : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एनआरसी के मुद्दे पर केंद्र सरकार को कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य में एनआरसी लागू करने की अनुमति कभी नहीं दी जाएगी, क्योंकि यह नागरिकों की गरिमा और अधिकारों के खिलाफ है. ममता बनर्जी ने कहा, ‘मैं केंद्र सरकार से मांग करती हूं कि वह इस बेरहम खेल को हमेशा के लिए बंद करे. बंगाल कभी भी एनआरसी की अनुमति नहीं देगा और न ही किसी को हमारे लोगों की गरिमा या अपनत्व से वंचित करने देगा.’ ममता ने आगे कहा, ‘बंगाल की पहचान मां, माटी और मानुष से जुड़ी है और यह भूमि नफरत फैलाने वालों की नहीं बल्कि एकता और मानवता की है. दिल्ली के जमींदारों को यह बात ज़ोर से और साफ़ सुननी चाहिए बंगाल प्रतिरोध करेगा, बंगाल रक्षा करेगा, और बंगाल विजयी होगा.’
