सुपौल : बिहार में सुपौल जिले के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत मल्हनी पंचायत में पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर वार्ड सदस्य के पति द्वारा एक महिला के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद दोनों पक्षों में सोमवार को जमकर मारपीट हुई।
सूत्रों के अनुसार, मल्हनी वार्ड 01 की वार्ड सदस्य के पति जलील रविवार की रात एक महिला के घर पहुंचे। उन्होंने महिला को आवास योजना का लाभ दिलाने का लालच देकर रिश्वत के रूप में 1 हजार रुपए की मांग की। महिला रुपए देने में असमर्थता जाहिर करने पर मो. जलील ने महिला से दुष्कर्म का प्रयास किया। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग जमा हो गए और जलील की जमकर पिटाई कर दी। घटना का वीडियो कुछ लोगों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
गांव में हुई पंचायत और दोपक्षीय झगड़ा : घटना के बाद सोमवार को गांव में पंचायत बुलाई गई। आरोपी वार्ड सदस्य पति को भी बुलाया गया, लेकिन जलील मौके पर नहीं पहुंचे। वहीं सोमवार की शाम दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई, जिसमें पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पड़ोसी मो. तमन्ना आलम ने बताया कि रविवार की रात की घटना में वह भी मौजूद थे। सोमवार की शाम उनके परिवार के लोग डीलर के पास गए, इसी दौरान जलील की पत्नी, बेटी और कुछ अन्य रिश्तेदारों ने गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। सूचना पर दोनों पक्षों के अन्य लोग भी जुट गए। मारपीट में तमन्ना के भाई मो. तौहीद, मो. तमजीद, उनकी पत्नी शबाना खातून सहित दूसरे पक्ष के मो. सईद और मो. बेचन घायल हुए। सभी का इलाज शहर के एक निजी क्लीनिक में चल रहा है।
पीड़िता ने थाने में दर्ज कराई लिखित शिकायत : पीड़िता ने बताया कि उनके पति मुकबधिर हैं। रविवार की रात करीब 09:30 बजे शराब के नशे में धुत्त मो. जलील उनके आंगन में पहुंचे। उन्होंने बताया कि आवास योजना लाभुकों में उनका भी नाम आया है। पति से बातचीत के दौरान ही जलील महिला के कमरे में घुस कर बिस्तर पर बैठ गए। जब महिला रुपए देने में असमर्थता जताई तो जलील जबरदस्ती करने लगे। महिला ने शोर मचाया तो आसपास के लोग जुट गए और जलील को भगाया।
पीड़िता ने सदर थाने में भी लिखित शिकायत दर्ज कराई है। इसके विपरीत, आरोपी मो. जलील ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि पुरानी रंजिश के कारण उन्हें कुछ लोग बुलाकर ले गए और वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। उनका कोई संबंध इस मामले से नहीं है। सदर थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने बताया कि पीड़िता से प्राप्त आवेदन के आलोक में मामले की जांच की जा रही है और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
