सिवान : बिहार में अपराधियों एक प्रतिष्ठित अखबार के पत्रकार को गोली मार दी। सीवान जिले में गुरुवार की देर रात बेखौफ बाइक सवार बदमाशों ने पत्रकार रमेश सिंह को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में एक गोली उनके पेट में लगी, जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। घटना पचरुखी थाना क्षेत्र के भवानी मोड़ के पास की है।
स्थानीय लोगों की तत्परता से उन्हें तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया है। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे राज्य के पत्रकार जगत में आक्रोश और डर का माहौल पैदा कर दिया है।
इस मामले में सिवान एसपी ऑफिस की ओर से बयान जारी किया गया। इसमें बताया गया कि दिनांक-12.02.2026 को समय करीब रात्रि 09:30 बजे पचरुखी थाना को सूचना प्राप्त हुई कि थाना क्षेत्र अंतर्गत चीनी मील के समीप कुछ अज्ञात अपराधकर्मियों द्वारा प्रतिष्ठित अखबार के संवाददाता रमेश सिंह को गोली मारकर जख्मी कर दिया गया है।
सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पचरुखी थाना पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इसके बाद थाना पलिस टीम ने जख्मी को बेहतर उपचार हेतु सदर अस्पताल, सिवान भेजा है। सूचना प्राप्त होने पर पुलिस अधीक्षक, सिवान, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-1 और FSL की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया गया है।
सिवान पुलिस अधीक्षक ने घटना के त्वरित उभेदन एवं अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है। शीघ्र ही दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि पत्रकार रमेश कुमार सिंह जसौली के रहने वाले हैं। सिवान के पकड़ी बंगाली स्थित एक मैरिज हॉल में शादी समारोह में शामिल होने गए थे। देर रात जब वे वापस घर लौट रहे थे, तभी भवानी मोड़ के पास पहले से घात लगाए बैठे दो बाइक सवार अपराधियों ने उन पर हमला बोल दिया।
अपराधियों ने सटीक निशाना साधते हुए गोली चलाई जो सीधे रमेश सिंह के पेट में जा लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
वारदात की सूचना मिलते ही सिवान पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सीवान के एसपी पूरन कुमार झा और सदर एसडीपीओ अजय कुमार सिंह तुरंत अस्पताल पहुंचे और घायल पत्रकार का हाल जाना। एसपी ने बताया कि घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया गया है।
शुरुआती जांच में पुलिस इस हमले के पीछे आपसी रंजिश की आशंका जता रही है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं पर गहन तफ्तीश कर रही है। एसपी ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
वैसे, सीवान में पत्रकारों पर हमले का इतिहास पुराना रहा है। इस घटना ने एक बार फिर 13 मई 2016 के उस काले दिन की याद दिला दी, जब पत्रकार राजदेव रंजन की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन का नाम सामने आया था। सालों बाद पत्रकार को फिर से निशाना बनाए जाने से स्थानीय मीडिया कर्मियों में भारी रोष है।