पटना : बिहार में फर्जी फ्रेंचाइजी और निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले हाई-प्रोफाइल जालसाज दंपति को पुलिस ने दबोच लिया है। हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार आरोपी राहुल कालरा और उसकी पत्नी रुचिका कालरा को ट्रांजिट रिमांड पर मंगलवार को पटना लाया गया, जहां दोनों को अदालत में पेश किया गया। इनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी थे। पुलिस से बचने के लिए ये लंबे समय से ठिकाने बदल रहे थे।
पटना की सिटी एसपी (सेंट्रल) दीक्षा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस धोखाधड़ी की जड़ें 31 दिसंबर को गांधी मैदान थाने में दर्ज एक प्राथमिकी से जुड़ी हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि नामी कपड़ा धुलाई कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने के बहाने उससे 44 लाख रुपये ठग लिए गए। जांच में सामने आया कि राहुल कालरा और उसकी पत्नी ने गांधी मैदान, पाटलिपुत्र और श्री कृष्णा पुरी थाना क्षेत्रों में एक ही ‘मोडस ऑपेरंडी’ (काम करने के तरीके) का इस्तेमाल कर कई लोगों को अपना शिकार बनाया है।
आरोपी राहुल कालरा पटना की पॉश कॉलोनी पाटलिपुत्र के एक अपार्टमेंट में रहकर जाल बिछाता था। ठगी के इस खेल में उसकी पत्नी रुचिका और 13 अन्य लोग भी शामिल थे।
पहला मामला वर्ष 2025 में गांधी मैदान थाने में दर्ज हुआ। फिर दूसरी एफआईआर जनवरी 2026 में दर्ज की गई, जिसमें एक पीड़ित ने 1.85 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाया था। इनके अलावा एसके पुरी और पाटलिपुत्र थानों में भी इनके खिलाफ गंभीर मामले दर्ज हैं।
यह दंपति केवल पटना तक सीमित नहीं था, इन्होंने भागलपुर और बेंगलुरु के कारोबारियों को भी निवेश के नाम पर करोड़ों की चपत लगाई। गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि दोनों गुरुग्राम के एक होटल में छिपे हैं और जल्द ही विदेश भागने की फिराक में हैं। इससे पहले कि वे देश छोड़ पाते, बिहार पुलिस की टीम ने छापेमारी कर उन्हें धर दबोचा। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य 13 सदस्यों की तलाश कर रही है, ताकि ठगी की गई रकम की बरामदगी की जा सके।
