मुंबई : गैस के गुब्बारों के साथ घुसे 3 लोग, और फिर हुआ जोरदार धमाका

CCTV-FOOtage

मुंबई : रोजमर्रा की जिंदगी में लिफ्ट को लोग सबसे सुरक्षित साधनों में गिनते हैं, लेकिन एक छोटी-सी लापरवाही कब बड़ी दुर्घटना में बदल जाए, इसका अंदाजा इस घटना से लगाया जा सकता है. रात के वक्त एक रिहायशी इमारत की लिफ्ट में जो हुआ, उसने हर किसी को दहला दिया. कुछ ही सेकंड में लिफ्ट के अंदर तेज धमाका हुआ और वहां मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए बदहवास होकर बाहर की ओर भागते नजर आए. पूरी घटना लिफ्ट में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है. इस हादसे ने गुब्बारों में भरी गैस और सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

दरअसल, यह घटना रात करीब 10.51 बजे की बताई जा रही है. सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि पहले एक महिला सूटकेस लेकर लिफ्ट में प्रवेश करती है. उसके तुरंत बाद एक व्यक्ति प्लास्टिक बैग में ढेर सारे गैस से भरे गुब्बारे लेकर अंदर आता है. इसी दौरान एक और शख्स लिफ्ट में घुसता है. तभी अचानक लिफ्ट के भीतर जोरदार धमाका होता है. तेज आवाज और आग की चपेट में आते ही तीनों लोग घबरा जाते हैं और जान बचाने के लिए तुरंत लिफ्ट से बाहर भागते नजर आते हैं. कुछ ही सेकंड का यह मंजर बेहद डरावना था.

धमाके के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. इस हादसे में एक पुरुष और एक महिला के झुलसने की खबर सामने आई है, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. राहत की बात यह रही कि समय रहते लिफ्ट से बाहर निकलने के कारण कोई बड़ा जानमाल का नुकसान नहीं हुआ. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गुब्बारे बेचने वाले व्यक्ति के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया गया है. फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि गुब्बारों में कौन-सी गैस भरी गई थी, जिसकी वजह से यह विस्फोट हुआ.

इस घटना के बाद गुब्बारों में इस्तेमाल होने वाली गैस को लेकर सुरक्षा चिंताएं फिर से चर्चा में आ गई हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, हीलियम गैस ज्वलनशील नहीं होती, इसलिए इसे अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है. वहीं, हाइड्रोजन गैस बेहद ज्वलनशील होती है और हल्की-सी चिंगारी से भी आग पकड़ सकती है. अक्सर आयोजनों और समारोहों में हीलियम भरे गुब्बारों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन सस्ते विकल्प के तौर पर हाइड्रोजन का प्रयोग जानलेवा साबित हो सकता है. यह हादसा साफ तौर पर बताता है कि ऐसी लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *