औरंगाबाद : भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच सोमवार को एक बड़ी पकड़ सामने आई, जब जमीन की दाखिल-खारिज के नाम पर रिश्वत लेते हसपुरा अंचल कार्यालय के लिपिक श्लोक कुमार को निगरानी टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी को अपने साथ पटना ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
दरअसल, मामला कोईलवा पंचायत के किसान मुनील कुमार से जुड़ा है। किसान ने दाखिल-खारिज के लिए आवेदन दिया था, लेकिन काम कराने के नाम पर लिपिक ने पहले ही उससे 3500 रुपये वसूल लिए थे। इसके बावजूद एक वर्ष तक उसका काम लंबित रखा गया। बाद में फाइल आगे बढ़ाने के बदले 15 हजार रुपये की मांग की गई, जो सौदेबाजी के बाद 10 हजार रुपये पर तय हुई।
लगातार हो रही मांग से परेशान किसान ने 13 फरवरी को निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद टीम ने जाल बिछाया और सोमवार को जैसे ही आरोपी रिश्वत की रकम लिया पकड़ा गया, मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया। छापेमारी दल का नेतृत्व डीएसपी अशोक झा कर रहे थे।
टीम में इंस्पेक्टर अविनाश कुमार झा, एसआई त्रिपुरारी प्रसाद सहित कई पुलिसकर्मी और महिला कांस्टेबल शामिल थीं। कार्रवाई के बाद पूरे अंचल कार्यालय में हड़कंप मच गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दाखिल-खारिज जैसे जरूरी कामों में रिश्वत की शिकायतें आम हो गई हैं। इस गिरफ्तारी को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे आम जनता में उम्मीद जगी है कि अब सरकारी दफ्तरों में पारदर्शिता बढ़ेगी।