नई दिल्ली/बैंकॉक : थाईलैंड व कंबोडिया पुलिस के साझा अभियान में एक स्कैम सेंटर में बंधक बनाए गए 48 भारतीयों समेत 215 विदेशी नागरिकों को मुक्त कराया गया। अपराधी गिरोह तस्करी के जरिये इन्हें कंबोडिया के सीमावर्ती शहर ले आया था और बंधक बना लिया था। स्कैम सेंटर के जरिये पूरे दक्षिण एशिया में ऑनलाइन ठगी की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा था।
थाईलैंड पुलिस ने दी जानकारी : थाईलैंड के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को बताया कि यह ऑनलाइन ठगी व धोखाधड़ी की वारदातों के खिलाफ चलाए जा रहे क्षेत्रीय अभियान का विस्तार था। कंबोडिया के बांतेय मींचे प्रांत के सीमावर्ती शहर पोइपेट में रविवार को तीन मंजिला इमारत में छापेमारी की गई। थाईलैंड सरकार के प्रवक्ता जिरायु होंगसुब ने बताया कि स्कैम सेंटर में थाईलैंड के 109, पाकिस्तान के 50, भारत के 48, ताइवान के पांच व इंडोनेशिया के तीन नागरिकों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा था।
फर्जीवाड़े से हर साल अरबों डॉलर की कमाई : संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, अपराधी गिरोह हजारों लोगों को तस्करी के जरिये थाईलैंड, कंबोडिया व म्यांमार ले जाता है। इन देशों के स्कैम सेंटरों पर उनसे जबरन ऑनलाइन फर्जीवाड़ा कराया जाता है। ये लोग पूरे दक्षिण एशिया में ठगी व फर्जीवाड़े को अंजाम देते हैं। 2023 की यूएन रिपोर्ट के अनुसार, अपराधी गिरोह ऑनलाइन फर्जीवाड़े के जरिये हर साल अरबों डॉलर की कमाई करता है।
दक्षिण एशिया में चल रहा व्यापक अभियान : दक्षिण एशिया के देशों ने स्कैम सेंटरों के खिलाफ व्यापक अभियान चला रखा है। हाल ही में थाईलैंड-म्यांमार सीमा पर बड़ा अभियान चलाया गया था। थाईलैंड सरकार ने उन क्षेत्रों की बिजली, ईंधन व जल आपूर्ति रोक दी थी, जहां स्कैम सेंटरों के होने की आशंका थी। इससे पहले शनिवार को थाईलैंड की सेना ने बताया था कि चीन ने स्कैम सेंटरों से मुक्त कराए गए उसके 621 नागरिकों को सौंप दिया है।
नौकरी का झांसा दे चीनी नागरिक ने शुरू किए स्कैम सेंटर : थाईलैंड व कंबोडिया के सीमावर्ती शहरों में स्कैम सेंटर कई वर्षों से संचालित किए जा रहे थे। थाईलैंड में स्कैम सेंटरों की शुरुआत चीनी नागरिक वांग जिंग ने की थी। उसने थाइलैंड के लोगों को नौकरी देने का वादा किया था। इस बीच उसका अपहरण हो गया और उसे म्यांमार स्थित एक स्कैम सेंटर ले जाया गया। इसके बाद से स्कैम सेंटरों की जांच की जा रही है।