नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार को हुए धमाके में 11 लोगों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा घायल हो गए. पूरे देश में इस घटना को लेकर गुस्सा है. लोग सोशल मीडिया पर जमकर गुस्सा निकाल रहे हैं. इस घटना के तार पुलवामा से जुड़ते नजर आ रहे हैं.
इस बीच दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार को बैठक बुलाई है, जिसमें तमाम बड़े जनरल्स को मौजूद रहने को कहा गया है. जाहिर है कि पाकिस्तान समझ चुका है कि हमला दिल्ली के दिल पर हुआ है तो भारत पलटवार तो जरूर करेगा. आतंकियों को शह देने के लिए पाकिस्तान बदनाम है. इसी साल अप्रैल में जब पहलगाम अटैक हुआ था, उन आतंकियों के तार पाकिस्तान से जुड़े थे. इसके बाद आतंकियों को सबक सिखाने के लिए भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था.
ट्रेंड कर रहा ऑपरेशन सिंदूर 2.0 : अब लाल किला धमाके को भी आतंकी हमला कहा जा रहा है. खुद पीएम नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कह चुके हैं कि अगर भारत पर कोई भी हमला होता है तो उसको एक्ट ऑफ वॉर माना जाएगा. इसी को देखते हुए अब सोशल मीडिया पर ऑपरेशन सिंदूर 2.0 ट्रेंड कर रहा है. लोग कह रहे हैं कि अब बहुत हो चुका है, आतंकियों को फुल एंड फाइनल जवाब देने का वक्त आ चुका है.
@YashInnerCosmos नाम के यूजर ने लिखा, अगर इसमें पाकिस्तान का हाथ है तो अब पानी सिर के ऊपर से जा चुका है. हम उनके साथ बातचीत नहीं कर सकते क्योंकि आतंकवाद उनके डीएनए में है. पाकिस्तान को अब दुनिया के नक्शे से मिटाने का वक्त आ चुका है. ऑपरेशन सिंदूर 2.0 शुरू करें.
यूजर्स बोले- करारा जवाब दे सरकार : @ankurs000 नाम के यूजर ने लिखा, दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी हमला है और इन पाकिस्तानी आतंकियों को ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के जरिए करारा जवाब दिया जाना चाहिए. इस बार हमला जबरदस्त होना चाहिए, जो इनकी सात पुश्तों को याद रहे. @SombirSinghjat1 ने कहा, लाल किले को पाकिस्तान के लिए डेथ विश होना चाहिए. यह एक्ट ऑफ वॉर है. दुश्मन को अब खत्म किया जाना चाहिए.
पुलिस बोली- हमले का ये है नया पैटर्न : जनता में बेहद गुस्सा है. अब तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. ना ही सरकार की ओर से इसे आतंकी हमला बताया गया है. लेकिन जिस तरीके से हमला हुआ, उससे इस मामले में आतंकी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, एक धीमी गति से आया वाहन लाल किला रेड लाइट पर रुका और फिर उसमें जोरदार ब्लास्ट हुआ. उसमें कोई ज्वलनशील पदार्थ रखा हुआ था, जिससे आग तेजी से फैल गई और बाकी गाड़ियां भी उसकी चपेट में आ गईं. हैरानी की बात है कि यह नए तरह के ब्लास्ट का पैटर्न है. क्योंकि ना तो ब्लास्ट वाली जगह पर कोई गड्ढा हुआ, ना वहां आरडीएक्स की गंध है. ना ही घटनास्थल पर कीलें मिलीं. क्योंकि जब आरडीएक्स ब्लास्ट होता है तो लोगों को चेहरे और शरीर काले पड़ जाते हैं. लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ. फिर भी एजेंसियां हर एंगल से जांच कर रही हैं.
