अफगानिस्तान : महीने भर में पांचवी बार आया भूकंप, 6.3 रही तीव्रता; दहशत में घरों से बाहर निकले लोग

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नई दिल्ली/काबुल : अफगानिस्तान में रविवार रात को एक बार फिर से भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। पाकिस्तान सीमा के पास दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में भूकंप के झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 मापी गई है। भूकंप के तेज झटकों के चलते लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए। बताया जा रहा है कि भूकंप के चलते 15 लोग घायल हो गए। इसके ठीक 20 मिनट बाद एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (एनसीएस) ने बताया कि अफगानिस्तान में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक भूकंप का केंद्र नांगरहार प्रांत के जलालाबाद के पास 8 किलोमीटर की गहराई पर था। यह रविवार को स्थानीय समयानुसार रात 11:47 बजे आया। नांगरहार सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता नकीबुल्लाह रहीमी ने बताया कि 15 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। लगभग 20 मिनट बाद उसी प्रांत में दूसरा भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 4.5 थी तथा गहराई 10 किलोमीटर थी।

अफगानिस्तान में बीते एक महीने में पांचवी बार भूकंप आया है। अफगानिस्तान भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में यहां लगातार भूकंप आते रहते हैं। इससे पहले अफगानिस्तान में 27 अगस्त को 5.4 तीव्रता का भूकंप आया था। इससे पहले 17 अगस्त को 4.9 तीव्रता, 13 अगस्त को 10 किलोमीटर की गहराई पर 4.2 तीव्रता का भूकंप आया था। इससे पहले 8 अगस्त को, 10 किलोमीटर की गहराई पर 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था।

क्यों आता है भूकंप? : पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।

भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब? : भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

भूकंप की तीव्रता और क्या है मापने का पैमाना? : भूकंप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसकी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

कितनी तबाही लाता है भूकंप? :
रिक्टर स्केल    असर
0 से 1.9    सिर्फ सीज्मोग्राफ से ही पता चलता है।
2 से 2.9    हल्का कंपन
3 से 3.9    कोई ट्रक आपके नजदीक से गुजर जाए, ऐसा असर
4 से 4.9    खिड़कियां टूट सकती हैं और दीवारों पर टंगी फ्रेम गिर सकती हैं।
5 से 5.9    फर्नीचर हिल सकता है।
6 से 6.9    इमारतों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है।
7 से 7.9     इमारतें गिर जाती हैं। जमीन के अंदर पाइप फट जाते हैं।
8 से 8.9     इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं। सुनामी का खतरा।
9 और उससे ज्यादा     पूरी तबाही, कोई मैदान में खड़ा हो तो उसे धरती लहराते हुए दिखेगी। समंदर नजदीक हो तो सुनामी।

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