नई दिल्ली : क्या आप यकीन कर सकते हैं कि एक ऐसा शख्स, जिसकी दौलत के सामने अच्छे-अच्छे देश भी पानी भरते हों. उसी शख्स की बेटी गरीबी का जीवन जीने को मजबूर हो. लेकिन यह सच है. यह दावा किया है दुनिया के नंबर एक दौलतनंद इंसान एलन मस्क की बेटी विवियन विल्सन ने. विल्सन ने कहा कि अरबपति पिता से अनबन के बाद जब से उन्होंने अलग रहना शुरू किया है, तब से वे पैसों की तंगी का सामना कर रही हैं. उनका रूममेट उनका खर्चा उठा रहा है, जिस वजह उनकी जिंदगी की गाड़ी चल पा रही है.
बताते चलें कि एलन मस्क अपनी टेस्ला ब्रांड कार, स्पेसेक्स, सोशल मीडिया कंपनी एक्स समेत कई कंपनियों के मालिक हैं. अपने व्यापारिक साम्राज्यों की बदौलत वे दुनिया के सबसे अमीर आदमी हैं. उनकी बेटी विवियन विल्सन ने लड़के के रूप में जन्म लिया था. लेकिन 2022 में वह जेंडर सर्जरी करवाकर पुरुष से महिला बन गए. जब इस फैसले पर मस्क ने विरोध जताया तो विवियन ने घर छोड़ दिया और दूसरी जगह पर अपने रूम मेट्स के साथ रहने चली गईं.
अपने वर्तमान जीवन के बारे में बताते हुए विल्सन ने कहा, ‘लोग मानते हैं कि मेरे पास बहुत पैसा है लेकिन यह सच नहीं है. मेरे पास लाखों डॉलर नहीं हैं. मेरी मां अमीर हैं और पिता एलन मस्क तो दुनिया के नंबर एक धनी इंसान हैं. लेकिन पास उस तरह की विरासत नहीं है.’
एलन की बेटी ने जोर देकर कहा कि अपने पिता की तरह सुपर रिच बनने का उनका कोई इरादा नहीं है. उनके कॉलेज की पढ़ाई महंगी है. लेकिन सीमित आय में वह यह सब मैनेज कर पा रही है. विवियन ने खुद को लॉस एंजिल्स में रहने वाले बाकी युवाओं की तुलना में खुद को ज्यादा भाग्यशाली बताया.
अपने पिता एलन मस्क के बारे में बात करते हुए विवियन ने कहा, ‘मुझे लगता है कि वह यह मानकर चल रहे थे कि मैं कुछ नहीं कहूँगी और मैं इसे बिना किसी चुनौती के यूँ ही छोड़ दूँगी. लेकिन मैं इसे नहीं छोडने वाली. अगर आप मेरे बारे में, लाखों लोगों के सामने, बेशर्मी से झूठ बोलेंगे, तो मैं इसे यूं ही नहीं छोड़ूँगी.’
विवियन ने आगे कहा, ‘वह (एलन मस्क) ठंडे स्वभाव के थे. उन्हें बहुत जल्दी गुस्सा आ जाता था. वह बेपरवाह और अपनी दौलत पर आत्ममुग्ध इंसान हैं. विवियन ने आरोप लगाया कि पिता मस्क को उनके स्त्री-सुलभ गुण पसंद नहीं आते थे और वह उन पर ज़्यादा मर्दाना दिखने का दबाव डालते थे.’
बता दें कि अपने बेटे के लिंग सर्जरी के फैसले से मस्क बहुत निराश थे. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वे इस डिसीजन का समर्थन नहीं करते. मस्क ने कहा, ‘मैंने अपने बेटे को खो दिया. वह मर गया. वोक माइंड वायरस ने उसे मार डाला. मस्क ने कहा कि विवियन का लिंग परिवर्तन कराने का फ़ैसला ही राजनीति में आने की उनकी प्रेरणा था.’ इसके बाद उन्होंने कसम खाई कि वे इस वायरस को ख़त्म करके ही रहेंगे और इसमें उन्होंने कुछ सफलता भी हासिल की है.
