गिरिडीह : झारखंड में नक्सलियों के आत्मसमर्पण को लेकर झारखंड सरकार के द्वारा चलाए जा रहे नई दिशा-एक नई पहल के तहत नक्सलियों का सरेंडर करने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में बुधवार को गिरिडीह जिले के पपरवाटांड़ स्थित नवीन पुलिस केंद्र में “नई दिशा – एक नई पहल” के तहत पुनर्वास सह आत्मसमर्पण को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान बोकारो सीआरपीएफ डीआईजी अमित कुमार सिंह, गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव, गिरिडीह एसपी डॉ बिमल कुमार के समक्ष भाकपा माओवादी के एरिया कमेटी सदस्य शिवलाल हेंब्रम उर्फ शिवा एवं दस्ता सदस्य सरिता हांसदा उर्फ उर्मिला ने आत्मसमर्पण किया। इस दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने दोनों नक्सलियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर एवं उन्हें माला पहनाकर उन्हें मुख्यधारा में शामिल होने की बधाई भी दिया।
वहीं डीआईजी अमित कुमार सिंह और गिरिडीह एसपी डॉ बिमल कुमार ने बताया कि दोनों नक्सली पति-पत्नी हैं और एक करोड़ के इनामी प्रयाग मांझी उर्फ़ विवेक के दस्ते में सक्रिय सदस्य के रुप में काम कर चुके हैं। इन दोनों नक्सलियों के द्वारा फिलहाल पारसनाथ जोन का कमान भी था। पिछले कई दिनों से दोनों नक्सली पुलिस के सम्पर्क में थे ओर आत्मसमर्पण करने की बात कही थी। इसके बाद अलग–अलग सुरक्षा एजेंसियों इंटेलिजेंस ब्यूरो, स्पेशल ब्रांच समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में आये और फिर आज दोनों मुख्यधारा में वापस लौटे हैं।
कार्यक्रम में गिरिडीह उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि पुनर्वास सह आत्मसमर्पण कार्यक्रम के तहत कई लाभ नक्सलियों को झारखंड सरकार के द्वारा दिए जा रहे हैं। इसे लेकर उनके द्वारा लगातार बैठक भी किया जाएगा और प्रयास करेंगे कि वह इसका अधिकतम लाभ आत्मसमर्पण किए गए नक्सलियों को दिला सके।
