अहमदाबाद : गुजरात में राज्य सरकार द्वारा विवाह पंजीकरण में माता-पिता की दस्तखत और रजामंदी को अनिवार्य किए जाने के ऐलान के बाद एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है। मंगलवार को अहमदाबाद मेट्रो कोर्ट में अलग धर्म के जोड़े के शादी करने के लिए पहुंचने पर बड़ा बवाल हुआ। हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने इस ‘लव जिहाद’ बताया। चुपके से शादी करने की इस कोशिश में लड़की वकील के ड्रेस में कोर्ट पहुंची थी, हालांकि भारी विवाद के बाद शादी का पंजीकरण नहीं हुआ।
वकीलों को जोड़े पर हुआ शक : जानकारी के अनुसार अहमदाबाद मेट्रो कोर्ट में अलग धर्म के जोड़े ने वकील की ड्रेस पहनकर शादी करने की कोशिश की। यह जोड़ा सुबह-सुबह कोर्ट पहुंचा, और महिला ने कथित तौर पर वकील की यूनिफॉर्म पहन रखी थी। विरोध करने वालों ने आरोप लगाया कि उसे पहचान से बचने के लिए पीछे के रास्ते से ऑफिस में लाया गया था। लोकल वकीलों ने इस जोड़े को कानूनी कपड़ों में देखा और उन्हें शक हुआ कि यह कोई चाल है। पहले करंज पुलिस और फिर मामले में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं की एंट्री से बड़ा बवाल मचा।
लव जिहाद से मामले को जोड़ा : अहमदाबाद मेट्रो कोर्ट में हालात तब बिगड़ गए जब विहिप और बजरंग दल के सदस्य विरोध करने के लिए इकट्ठा हुए। उन्होंने इस शादी को लव जिहाद का मामला बताया। उन्होंने मैरिज रजिस्ट्रार एम.एम. सईद के खिलाफ नारे लगाए और उन पर धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि शादी का रजिस्ट्रेशन आमतौर पर सुबह 11:00 बजे शुरू होता है, लेकिन रजिस्ट्रार ने जोड़े को सुबह 9:30 बजे अंदर आने दिया। महिला के चाचा ने कहा कि वह शरद पूनम की रात से लापता है और बहियाल के एक कॉलेज में स्टूडेंट है।
बीजेपी विधायक भी पहुंचे कोर्ट : मामले के तूल पकड़ने पर बीजेपी विधायक कौशिक जैन और बजरंग दल के नेता ज्वलित मेहता कोर्ट पहुंचे। बिगड़ते हालात को देखते हुए, व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्राइम ब्रांच के लोगों सहित एक बड़ी पुलिस टुकड़ी तैनात की गई थी। विधायक जैन ने सुझाव दिया कि आगे कोई भी कदम उठाने से पहले महिला को उसके माता-पिता से मिलवाने के लिए बहियाल ले जाया जाए। आखिरकार कपल को भारी पुलिस प्रोटेक्शन में कोर्ट से बाहर निकाला गया और बहियाल की ओर ले जाया गया। इस दौरान हाथापाई होने पर तीन विहिप कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
