कुरुक्षेत्र : धर्मनगरी स्थित पवित्र सन्निहित व ब्रह्मसरोवर गीता जयंती के अवसर पर बुधवार को दीपोत्सव से जगमग हो उठे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गीता जयंती के पावन पर्व पर मंत्रोच्चारण और शंखनाद की ध्वनि के बीच सन्निहित सरोवर में दीपदान किया तो हजारों श्रद्धालु दीपोत्सव के लिए अगाध श्रद्वा के साथ उमड़ पड़े।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्राचीन एवं ऐतिहासिक सन्निहित सरोवर के तट पर गीता जयंती के दिन दीपोत्सव मनाना एक गौरव का विषय है। इस दीपोत्सव से पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेशों की रोशनी विश्व के हर जनमानस तक पहुंचेंगी। इससे हर मानव का जीवन अलौकिक और विकसित होगा।
इससे पहले इस दीपदान कार्यक्रम में पहुंचने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह का श्री ब्राहमण एवं तीर्थोद्घार सभा के सरंक्षक जयनारायण शर्मा, प्रधान श्याम सुंदर तिवारी, प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा तथा विश्वकांत शर्मा के साथ-साथ शहर की विभिन्न समाज सेवी एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के नेतृत्व में वेद मंत्रोच्चारण के बीच पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। सभा की ओर से गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद तथा पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा को सम्मानित किया।
पूरी दुनिया के लिए गौरव का दिन : मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कुरुक्षेत्र, हम सबके ही नहीं, अपितू सारी दुनिया के लिए गौरव का दिन है। भगवान श्री कृष्ण ने अपने मुख से हमें गीता के उपदेश दिए है। भगवान कृष्ण की गीता से आपका जीवन अलौकिक एवं विकसित होगा। इस मौके पर कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा, कुलसचिव डॉ. संजीव शर्मा, केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, 48 कोस तीर्थ निगरानी कमेटी के चेयरमैन मदन मोहन छाबड़ा, केडीबी सदस्य अशोक रोशा, डॉ. ऋषिपाल मथाना, एमके मोदगिल, कैप्टन परमजीत सिंह, विजय नरुला, प्राधिकरण के सदस्य सौरभ चौधरी, डा. प्रीतम सिंह, प्रदीप झांब, रविंद्र सांगवान सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।