नई दिल्ली : भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्वीडन के स्टॉकहोम में वर्ष 2026 के लिए अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन सहायता संस्थान (इंटरनेशनल आईडीईए) की अध्यक्षता संभाल ली। इस मौके पर अपने संबोधन में ज्ञानेश कुमार ने कहा, अध्यक्ष के तौर पर, वह विश्वास दिलाना चाहते हैं कि अपने कार्यकाल के दौरान, सभी लोकतांत्रिक देशों के सहयोग से, दुनिया भर में लोकतंत्र और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को पारदर्शिता के साथ और मजबूत करने के लिए शानदार तरीके से काम करेंगे। इस मौके पर स्वीडन में भारत के राजदूत अनुराग भूषण भी मौजूद थे।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे जीवंत लोकतंत्र- ज्ञानेश कुमार : ज्ञानेश कुमार ने कहा चूंकि मैं दुनिया के सबसे अच्छे लोकतंत्र भारत का प्रतिनिधि हूं इसलिए वहीं की बात से शुरुआत करूंगा। भारत लोकतंत्र की जननी है और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भी है। भारत का चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था है और संवैधानिक जिम्मेदारी के तौर पर राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति आम चुनाव, राज्यसभा और विधानसभा चुनाव कराता है।
भारत का अनोखा लोकतांत्रिक मॉडल : सीईसी ने भारत के लोकतांत्रिक विचार-विमर्श पर जोर दिया और बताया कि भारत में 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में 99 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं। ज्ञानेश कुमार ने 2024 के आम चुनावों के बारे में बताया कि भारत ने एक जबरदस्त लोकतंत्र की झांकी देखी, जिसमें 6 राष्ट्रीय और 67 राज्य स्तरीय पार्टियों समेत 743 राजनीतिक दलों के 20,000 से ज्यादा उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया।
स्टॉकहोम में संवाद और सहयोग की नई शुरुआत : इससे पहले, ज्ञानेश कुमार के मंगलवार को स्टॉकहोम पहुंचने पर अनुराग भूषण ने स्वागत किया। उन्होंने आईडीईए के महासचिव, डॉ. केविन कैसास-जमोरा के साथ भी बातचीत की।
