आगरा : उत्तर प्रदेश में ताजनगरी आगरा के एक मंदिर में ईरानी पर्यटक ने नमाज पढ़ ली, जिससे बवाल मच गया. स्थानीय लोगों ने मंदिर में नमाज पढ़ने का विरोध किया तो ईरानी परिवार ने अनजाने में ऐसा हो जाने की दुहाई दी. उन्होंने लोगों से इसके लिए माफी भी मांगी. इसका वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
पुलिस के मुताबिक रविवार को ईरान के एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपनी पत्नी और बेटी के साथ ताजमहल देखने आये थे. ताजमहल घूमने के बाद वह बाहर आए और इसी दौरान नमाज का समय हो गया. ताजमहल के पूर्वी द्वार के पास नमाज अदा करने के लिए उन्हें साफ जगह नहीं दिखी. वे आसपास ऐसी साफ-सुथरी जगह तलाश करने लगे जहां वे नमाज अदा कर सकें.
काफी खोजबीन के बाद भी ऐसी जगह नहीं मिली. वे थोड़ा और आगे बढ़े तो उन्हें एक मंदिर दिखा. वहां सफाई देखकर वे अंदर नमाज पढ़ने लगे और उनकी पत्नी और बेटी बाहर ही खड़ी हो गईं. बताया जा रहा कि जिस वक्त ईरानी परिवार मंदिर पहुंचा, उस समय वहां कोई नहीं था. मंदिर का गेट भी खुला हुआ था. उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी कि ये मंदिर है. वे बस साफ जगह देखकर वहां नमाज पढ़ने लगे.
ईरानी महिलाओं को मंदिर के पास देख स्थानीय लोग पहुंचे तो उन्होंने कारण पूछा. महिलाओं ने पूरी बात बताई तो लोगों ने विरोध शुरू कर दिया. मामला गरमाता देख प्रोफेसर ने बताया कि वे बस साफ जगह देखकर वहां नमाज पढ़ने लगे. इसके लिए उन्होंने लोगों से माफी मांग ली. लेकिन लोगों का विरोध जारी रहा. कुछ ही देर में वहां पुलिस पहुंची तो ईरानी पर्यटकों को सहायक पुलिस आयुक्त (ताज सुरक्षा) के कार्यालय ले गई. वहां उनका पासपोर्ट चेक किया गया.
ईरानी पर्यटक ने पूछताछ में पुलिस को भी बताया कि वह नमाज अदा करने के लिए साफ जगह देख रहे थे और उन्हें यह पता नहीं था कि जिस जगह वह नमाज पढ़ रहे हैं, वह मंदिर है. एसीपी (ताज सुरक्षा) सैयद अरीब अहमद ने बताया कि ईरानी प्रोफेसर ने अपनी गलती मान ली और पुलिस ने लिखित माफीनामा लेकर उन्हें छोड़ दिया.