झारखंड : आज से शुरू हो रहा बजट सत्र, स्पीकर बोले- ‘जनहित के मुद्दों पर करें सार्थक चर्चा’

Jharkhand-Assembly

रांची : झारखंड विधानसभा का बजट सत्र बुधवार, 18 फरवरी से आरंभ होगा। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण से सत्र की विधिवत शुरूआत होगी। राज्यपाल अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगे। 19 मार्च तक आहूत सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है।

सत्र के सुचारू संचालन और रूपरेखा तय करने के लिए मंगलवार को विधानसभा परिसर में विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें सीएम हेमंत सोरेन, संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने भाग लिया। स्पीकर ने सभी दलों से सत्र के सुचारू संचालन के लिए सहयोग मांगा।

निकाय चुनाव 23 फरवरी को होने के कारण इस दिन की कार्यवाही 21 फरवरी को करने पर चर्चा हुई। हालांकि इस पर अंतिम निर्णय बुधवार को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक के दौरान लिया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी दलों से जनहित के मुद्दों पर गंभीर और सकारात्मक चर्चा सुनिश्चित करने की अपील की है।

सत्र की शुरुआत 18 फरवरी को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण से होगी। 19 फरवरी को धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाएगा। 20 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2025-26 की तृतीय अनुपूरक व्यय विवरणी पेश की जाएगी। जबकि 23 फरवरी को उसपर चर्चा प्रस्तावित है।

हालांकि 23 फरवरी को झारखंड में नगर पंचायत चुनाव निर्धारित होने के कारण संसदीय कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में उस दिन सदन की कार्यवाही नहीं चलाने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा ताकि विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी दायित्व निभा सकें।

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश करेंगे। इसे ‘अबुआ दिशोम’ बजट के रूप में पेश किया जाएगा। 25 फरवरी को बजट पर सामान्य चर्चा होगी। सत्र का समापन 19 मार्च को गैर-सरकारी संकल्प के साथ होगा।

सरकार इस सत्र में अबुआ आवास, मंइयां सम्मान योजना और सर्वजन पेंशन जैसी योजनाओं को उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करेगी। ग्रामीण विकास, सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत संरचना को लेकर नई घोषणाओं की भी संभावना जताई जा रही है।

इस बार बजट सत्र कई मायनों में विशेष रहेगा। विधानसभा की कार्यवाही पहली बार नेशनल ई-विधान एप (नेवा) के माध्यम से डिजिटल और आंशिक तौर पर पेपरलेस की जा रही है। विधायकों को टैब उपलब्ध कराए गए हैं, जिनके जरिए शून्यकाल की सूचनाएं आनलाइन साझा की जाएंगी। अगले सत्र से कार्यवाही पूर्णतः पेपरलेस करने की योजना है।

सर्वदलीय बैठक में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और विधि-व्यवस्था की स्थिति पर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष ने अधिकारियों को लंबित प्रश्नों के समय पर जवाब सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि नियमों के अनुरूप कार्यवाही हो और सत्र बिना व्यवधान के चले, इसके लिए सभी स्तर पर तैयारी की गई है।

वहीं विपक्ष कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, स्थानीय नीति और विकास कार्यों की गति जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। ऐसे में बजट सत्र के दौरान सदन में तीखी लेकिन सार्थक बहस के आसार हैं। बजट सत्र को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां एक ओर सरकार अपनी उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का खाका पेश करेगी, वहीं विपक्ष जनहित के मुद्दों पर जवाबदेही तय करने की कोशिश करेगा।

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