रांची का डॉ इश्तियाक देश में चाहता था खिलाफत, जमात-मदरसे में संपर्क कर बनाता था जिहादी

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नई दिल्ली : आतंकी संगठन अलकायदा से प्रभावित होकर आतंकी मॉड्यूल खड़ा करने वाला रांची का डॉक्टर इश्तियाक पूरे देश में खिलाफत चाहता था और सरिया का कानून लागू करना चाहता था। इसके लिए वह बड़े स्तर पर युवाओं को धर्म के नाम पर उकसा कर आतंकी राह पर धकेल रहा था। वह उसके कुछ साथी जमात व मदरसों आदि जगहों पर जाकर भोले भाले युवकों से संपर्क करते थे। इसके बाद धर्म के नाम पर उनको आतंकी बना रहा था। आरोपी डॉक्टर इश्तियाक ने 20 से 25 युवाओं को इस कदर जेहादी बना दिया था कि कई देशों में स्थित अलकायदा कैंप में आतंकी ट्रेनिंग के लिए जाना चाहते थे।

स्पेशल सेल की पुलिस उपायुक्त प्रतिक्षा गोदारा ने बताया कि शुक्रवार शाम तक 11 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि संदिग्ध से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने रांची व हजारीबाग से गिरफ्तार पांच आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर ट्रेन से दिल्ली लाया जा रहा है। इन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी। पुलिस दिल्ली व भिवाड़ी से गिरफ्तार छह आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर 10 दिन के पुलिस रिमांड पर ले चुकी है। ज्यादातर संदिग्ध रांची व हजारीबाग के रहने वाले हैं।

गिरफ्तार आरोपी :

झारखंड से गिरफ्तार संदिग्ध

    • गिरोह सरगना- डाक्टर इश्तियाक अहमद।
    • मोतिउर।
    • रिजवान।
    • मुफ्ती रहमातुल्ला।
    • फैजान अहमद

    दिल्ली व भिवाड़ी, राजस्थान से गिरफ्तार

      • रांची निवासी हसन अंसारी।
      • रांची निवासी उनकामुल अंसारी।
      • लोहारदागा निवासी अल्ताफ अंसारी।
      • अरशद खान पुत्र शादाब खान
      • रांची निवासी उमर फारूक
      • रांची निवासी शाहबाज अंसारी।

      यूपी, राजस्थान व दिल्ली मे दी जाती थी ट्रेनिंग : जो युवक जहां का था उसे वहीं ट्रेनिंग दी जाती थी। ज्यादातर ट्रेनिंग यूपी, राजस्थान व दिल्ली मे दी जाती थी। मॉड्यूल सरगना ही युवाओं को ट्रेनिंग देता था। यूपी के अलीगढ़ में छापेमारी की गई है। इश्तियाक के कुछ साथी यहां जमात में गए थे और युवाओं से संपर्क किया था।

      ट्रेनिंग में ये सिखाया जाता था :

      • . पहले फिटनेस पर ध्यान दिया जाता था। भाग दौड़ करवाई जाती थी। कसरत कराई जाती थी।
      • . इसके बाद जूड़ो-कराटे सिखाए जाते थे।
      • . इनको फिटनेस के लिए कुल पांच एक्सरसाइज बताई जाती थी।
      • . इसके बाद हथियार बनाने व चलाने की ट्रेनिंग दी जाती थी।
      • . आखिर में बम आदि बनाया सिखाया जाता था।
      • . जिहाद के नाम पर भड़काए गए संदिग्ध आतंकी ट्रेनिंग के लिए अलकायदा के कैंपों में जाना चाहते थे।
      • . ये ट्रेनिंग कुछ ही दिन की होती थी।

      पांच से ज्यादा राज्यों में चल रहा है ऑपरेशन : इस मॉड्यूल के संदिग्धों को पकड़ने के लिए यूपी, राजस्थान, झारखंड, बिहार व उड़ीसा में ऑपरेशन चलाया गया था या फिर चल रहा है। इन राज्यों से काफी संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

      सोशल मीडिया से युवकों को प्रभावित किया गया : स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार ज्यादातर संदिग्धों को सोशल मीडिया के जरिए प्रभावित किया गया है। उनको यूट्यूब चैनल व अन्य चैनलों पर जिहाद वाली वीडियो दिखाई जाती थीं। इसके बाद उन्हें बताया जाता था कि हमें सम्मान नहीं मिलता। इसलिए खिलाफत करनी हैं।

      एप के जरिए आकाओं के संपर्क में था : वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार कुछ वर्ष पहले उड़ीसा में अलकायदा के एक अन्य मॉड्यूल का पर्दाफाश किया गया था। इस मॉड्यूल से जुड़ा व्यक्ति डॉक्टर इश्तियाक से मिला। इसके बाद आरोपी डॉक्टर ने खिलाफत करने का ऐलान किया है। वह तरह-तरह की एप के जरिए अलकायदा आकाओं से संपर्क में था।

      डॉक्टर व उसके साथी जमात में जाते थे : दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी डॉक्टर इश्तियाक व उसके साथी युवाओं को पकड़ने के लिए ज्यादातर जमात में जाते थे। ये जमात में युवाओं को पकड़ते थे। शुरू में उन्हें धर्म व बाद में पैसे का लालच दिया जाता था। उनको कहा जाता था कि उनके बाद उनके परिवार का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

      ये बरामद हुआ है : एके-47 राइफल, एक .38 बोर रिवॉल्वर, .38 बोर के 6 जिंदा कारतूस, .32 बोर के 30 जिंदा कारतूस, एके-47 के 30 जिंदा कारतूस, एक डमी इंसास, एक एयर राइफल, एक आयरन एल्बो पाइप, एक हैंड ग्रेनेड, एक की रिमोट कंट्रोल मैकेनिज्म, कुछ तार, एक एए साइज 1.5 वोल्ट की बैटरी, एक टेबल वॉच, चार ग्राउंड शीट, एक टारगेट, एक कैंपिंग टेंट, कुछ बिस्किट, एक चिप्स का पैकेट और एक पानी की बोतल।

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