खंडवा : मध्य प्रदेश में खंडवा शहर के खड़कपुरा स्थित मस्जिद में मंगलवार रात्रि को नमाज के दौरान हुई पथराव की घटना में कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। कुल छह आरोपियों में से दो को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जाकिर और वसीम के रूप में हुई है। घटना के बाद शहर में तनाव की स्थिति बन गई थी लेकिन पुलिस की सक्रियता से 24 घंटे के भीतर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया। मंगलवार रात जब मस्जिद में नमाजी इबादत में मशगूल थे, तभी अचानक मस्जिद की खिड़कियों पर पत्थर आकर गिरे। अचानक हुए इस हमले से नमाज अदा कर रहे लोगों में दहशत फैल गई। तत्काल नमाज समाप्त कर कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाला मोर्चा : घटना की जानकारी मिलते ही आईपीएस अमित कुमार, कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण आर्य और खंडवा सीएसपी अभिनव वारंगे तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आसपास के क्षेत्र में सर्चिंग की गई, लेकिन प्रारंभिक जांच में मौके से कोई प्रत्यक्ष सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस की टीम ने मस्जिद परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में छह संदिग्ध युवक नजर आए, जिनके चेहरे स्पष्ट रूप से कैद हो गए थे। इसके आधार पर सीएसपी अभिनव वारंगे के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
नाबालिग भी थे इसमें शामिल : जांच के दौरान सामने आया कि छह में से चार आरोपी नाबालिग हैं। जबकि जाकिर और वसीम बालिग पाए गए। दोनों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने सख्त संदेश देने के उद्देश्य से दोनों आरोपियों का मस्जिद के पास से जुलूस भी निकाला, ताकि शहरवासियों को यह स्पष्ट हो सके कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जुलूस निकालने का उद्देश्य यह था कि जिन लोगों ने शहर में तनाव फैलाने की कोशिश की, उनके चेहरे जनता के सामने आएं और समाज में ऐसा कृत्य करने वालों के प्रति नकारात्मक संदेश जाए।
पूछताछ में दिया कबूतर उड़ाने का बहाना : खंडवा पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने दावा किया कि वे कबूतरों को उड़ाने के लिए पत्थर मार रहे थे और गलती से पत्थर मस्जिद की खिड़कियों पर जा लगे। हालांकि स्थानीय लोगों ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि आरोपी नशे के आदी हैं और अक्सर नशे की हालत में क्षेत्र में उपद्रव करते रहते हैं। कोतवाली पुलिस ने दोनों आरोपियों को देर शाम विशेष न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। नाबालिग आरोपियों के संबंध में किशोर न्याय बोर्ड के तहत वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
ये हैं मुख्य बातें :
- मस्जिद पर पत्थरबाजी के बाद बढ़ रहा था तनाव
- पुलिस ने समय रहते मामले का किया खुलासा
- गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने कहा कि कबूतर भगाने के लिए चलाए पत्थर
- पत्थरबाजी में टूट गए थे मस्जिद के शीशे
- आरोपियों की गिरफ्तारी से सुलझ गया मामला
डीआईजी की अपील के बीच हुई घटना : घटना से एक दिन पूर्व ही खंडवा डीआईजी मनोज कुमार राय ने सोशल मीडिया के माध्यम से नागरिकों से अपील की थी कि सभी लोग त्योहारों को शांति और सौहार्द के साथ मनाएं। ऐसे समय में पथराव की घटना ने शहर में कई चर्चाओं को जन्म दे दिया था। हालांकि, पुलिस की तत्परता और 24 घंटे के भीतर की गई कार्रवाई की सोशल मीडिया पर जमकर सराहना हो रही है। नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगेगी और शहर का अमन-चैन कायम रहेगा।
