पटना : पूर्व रेल मंत्री, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू यादव और उनके परिवार के लिए 3 मार्च का दिन दिल की धड़कनें बढ़ाने वाला होगा। इसकी वजह इस दिन आने वाला एक फैसला है जो दिल्ली का राउज एवेन्यू कोर्ट सुना सकता है।
अदालत ने लारा प्रोजेक्ट्स मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोप तय करने पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में लालू प्रसाद यादव उनकी पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित कुल 16 आरोपी हैं।
दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने लारा प्रोजेक्ट्स मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोप तय करने के मुद्दे पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस केस में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी प्रसाद यादव समेत कुल 16 आरोपी हैं। इस मामले में कोर्ट तीन मार्च को आदेश सुना सकता है।
यह केस उस समय का है जब आरजेडी के नेता लालू प्रसाद यूपीए की पहली सरकार में रेल मंत्री थे। उस समय रेलवे के ग्रुप डी (चतुर्थ श्रेणी) के पदों पर नियुक्तियां की गई थीं। लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने इन पदों को बिना कोई विज्ञापन दिए भर्तियां कर ली थीं।
नियुक्तियां पाने वालों में से कई लोग ऐसे भी थे जिन्हें आवेदन देने के बाद तीन दिन में ही नौकरी मिल गई थी। आरोप है कि इन नौकरियों के बदले में उम्मीदवारों से रिश्वत के तौर पर जमीनें ली गई थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुताबिक लालू यादव के परिवार को इस घोटाले में सात स्थानों पर जमीनें मिलीं थीं।
गौरतलब है कि लालू यादव के परिवार के खिलाफ आईआरसीटीसी घोटाले के मामले में भी अदालत ने आरोप तय कर दिए हैं। इस मामले की सुनवाई कोर्ट ने शुरू कर दी है। इस केस में लालू यादव उनकी पत्नी रबड़ी देवी, उनके पुत्र तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव एवं उनकी बेटियां मीसा भारती व हेमा यादव आरोपी हैं।