इंफाल : मणिपुर के जिरीबाम जिले में बंधक संकट के बीच शुक्रवार तीन महिलाओं के शव मिले, जिन्हें असम के सिलचर में एक मुर्दाघर में लाया गया। हालांकि, अभी तक शवों की पहचान नहीं हो पाई है। सूत्रों ने बताया कि मुर्दाघर जिरीबाम से लगभग 50 किमी दूर सिलचर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एसएमएचसी) में है। सूत्रों के अनुसार, शवों को शाम 7 बजे मुर्दाघर में लाया गया। शहर में उचित बुनियादी ढांचे की कमी के कारण जिरीबाम में पाए गए शवों का पोस्टमार्टम एसएमएचसी में किया जाता है।
बता दें कि सोमवार को संदिग्ध कुकी उग्रवादियों द्वारा तीन महिलाओं और तीन बच्चों को बंधक बनाया गया था, जिसके बाद जिरीबाम जिले में तनाव बढ़ गया। बंधक बनाए गए तीन बच्चों में एक नवजात और ढाई साल का बच्चा शामिल था। वहीं, तीन महिलाओं में से दो छोटे बच्चों की मां थीं। सभी महिलाएं मणिपुर के मैतेई समुदाय से हैं।
सूत्रों ने बताया कि जिरीबाम के बोकोबेरा इलाके से संदिग्ध कुकी आतंकवादियों के एक समूह ने इन महिलाओं और बच्चों का अपहरण किया था, जबकि एक अन्य आतंकवादी समूह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ मुठभेड़ में लगा हुआ था। इस मुठभेड़ में सीआरपीएफ ने 10 संदिग्ध कुकी उग्रवादियों को मार गिराया था।
राज्य सरकार के कर्मचारी लाइशाराम हेरोजीत ने बुधवार को एक साक्षात्कार के माध्यम से अपील की थी कि जिस भी समूह ने उनके परिवार को बंधक बनाया है, उन्हें सुरक्षित छोड़ दें। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी के एक दोस्त ने उन्हें हथियारबंद लोगों द्वारा नाव में ले जाते हुए देखा था।
सीआरपीएफ का कैंप और पुलिस स्टेशन जिरीबाम के बोकोबेरा इलाके में स्थित है, जो बराक नदी से महज 1 किलोमीटर की दूरी पर है।
हेरोजीत ने आगे बताया कि जब सोमवार को बोरोबेरा में गोलीबारी और आगजनी की घटना हुई, तब पत्नी ने उसे फोन किया था। वह बहुत घबराई हुई थी। उसने बताया था कि बहुत सारे हथियारबंद लोगों ने उन्हें घेर लिया है। हालांकि, इसी बीच फोन कट गया। जब उसने दोबारा कॉल की तो फोन बंद हो गया।
हेरोजीत ने बताया कि बाद में उसने अपनी सास को कॉल की, लेकिन उनका भी फोन बंद था। इसके बाद, उसने अपने परिवार की तलाश शुरू की। लगभग एक घंटे बाद, पत्नी की बंगाली दोस्त मिली, जिसने बताया कि उसके परिवार को हथियारबंद लोगों द्वारा नाव में ले जाते हुए देखा था।
कुकी जनजातियों ने दावा किया कि मुठभेड़ में मारे गए लोग ‘ग्रामीण स्वयंसेवक’ थे। हालांकि, इस आरोप का सीआरपीएफ और पुलिस सूत्रों ने खंडन किया है। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से कई हथियार बरामद किए हैं, जिनमें एके-47 राइफल, इंसास असॉल्ट राइफल और एक रॉकेट चालित ग्रेनेड (आरपीजी) लॉन्चर शामिल हैं। पुलिस वाहनों में गोलियों के छेद भी पाए गए।