NASA : मंगल पर रोवर ने खोजा 80 सेमी लंबा रहस्यमय पत्थर, वैज्ञानिकों ने नाम रखा ‘फिप्साक्सला’

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नई दिल्ली/वाशिंगटन : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के परसेवरेंस रोवर ने मंगल की सतह पर एक रहस्यमय पत्थर खोजा है। यह पत्थर लाल ग्रह की प्राकृतिक और भौगोलिक संरचना से बिल्कुल मेल नहीं खाता। वैज्ञानिकों ने 80 सेंटीमीटर लंबे इस पत्थर को फिप्साक्सला नाम दिया है। फिलहाल वे इसे एलियन रॉक के नजरिये से ही देख रहे हैं।

इस पत्थर को 19 सितंबर, 2025 को लेफ्ट मास्टकैम-जेड कैमरे से तस्वीरों में कैद किया गया। उस समय रोवर जेजेरो क्रेटर के पास वर्नोडेन क्षेत्र की चट्टानों का नियमित अध्ययन कर रहा था। नासा ने इस खोज को अपने एक ब्लॉग में इस खोज को साझा किया है।

किसी अन्य सौरमंडल का हिस्सा हो सकता है फिप्साक्सला : यह पत्थर एक छोटी डेस्क जैसा दिखता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि हो सकता है कि फिप्साक्सला को किसी अन्य सौरमंडल से यहां लाया गया हो। दूसरा तर्क यह भी है कि यह किसी प्राचीन उल्कापिंड वर्षा का परिणाम हो सकता है। यह चट्टान जिस बेडरॉक पर टिकी है वह इसके लंबे समय तक सुरक्षित रहने का संकेत देती है।

2014 में मिला था लेबनान उल्कापिंड : क्यूरियोसिटी रोवर ने 2014 में दो मीटर चौड़े लेबनान और 2023 में काकाओ नामक उल्कापिंड खोजे थे। इन खोजों के बाद वैज्ञानिक उम्मीद कर रहे थे कि जेजेरो में भी ऐसी धात्विक चट्टानें मिलेंगी, क्योंकि यह क्षेत्र काफी पुराना है और यहां अनेक छोटे प्रभाव-गड्ढे मौजूद हैं। यह उल्कापिंडों के नियमित गिरने का संकेत देते हैं। नासा अब इस रहस्यमयी चट्टान के इतिहास और उत्पत्ति की पुष्टि के लिए आगे की जांच कर रहा है।

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