नेपाल ने विवादित धर्मगुरु पंचेन लामा के आगमन पर दिखा दी चीन को आंखें.., ड्रैगन की हुई किरकिरी 

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नई दिल्ली : चीन ने नेपाल के जरिए तिब्बतियों और उनके धर्मगुरु दलाई लामा को कमजोर करने की योजना बनाई थी. पंचेन लामा को चीन ने दलाई लामा का उत्तराधिकारी घोषित किया हुआ है. इन्हीं पंचेन लामा को चुपके से नेपाल भेजने की योजना थी. लुंबिनी में बुद्ध जयंती के अवसर पर पंचेन लामा की उपस्थिति से चीन बौद्ध धर्म को कूटनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहता था. लेकिन नेपाल सरकार ने यह योजना विफल कर दी.

पंचेन लामा कौन हैं और क्यों विवादित हैं? : असल में पंचेन लामा तिब्बत के महत्वपूर्ण धार्मिक व्यक्तित्व हैं. दलाई लामा और पंचेन लामा तिब्बती बौद्ध धर्म के दो प्रमुख आध्यात्मिक गुरुओं में से हैं. लेकिन, चीन ने तिब्बती समुदाय द्वारा चुने गए असली पंचेन लामा, गेदुन चोएकी न्यिमा को कैद कर लिया और अपनी पसंद के पंचेन लामा की नियुक्ति की. तिब्बती और पश्चिमी देशों के अनुसार, चीन समर्थित पंचेन लामा को एक कठपुतली माना जाता है.

चीन की साजिश से नेपाल अलर्ट : नेपाल में पंचेन लामा के संभावित दौरे की खबर लीक होने के बाद सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया. गृह और पर्यटन मंत्रालयों ने तुरंत जांच शुरू की और चीन से आने वाले यात्रियों की सूची की बारीकी से जांच की. कुछ रिपोर्ट्स में तो यहां तक कहा गया कि पंचेन लामा को 227 चीनी बौद्ध भिक्षुओं और अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल में छिपाकर लाने की योजना थी.

इसके बाद नेपाल का स्पष्ट रुख : फिर नेपाल सरकार ने साफ कर दिया कि वह किसी भी धार्मिक मामले में तटस्थता की नीति पर कायम है. नेपाली विदेश मंत्रालय ने चीनी दूतावास को सूचित किया कि पंचेन लामा की यात्रा को अनुमति नहीं दी जाएगी. नेपाल ने पहले भी दलाई लामा को देश में प्रवेश नहीं दिया है और इसी तर्ज पर चीन समर्थित पंचेन लामा को भी मना कर दिया.

आखिर चुनौतियां क्या हैं… क्यों मना किया : काठमांडू पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक लुंबिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट के उपाध्यक्ष लयरकाल लामा ने कहा कि पंचेन लामा की यात्रा से नेपाल के लिए सुरक्षा और भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ सकते थे. उन्होंने यह भी बताया कि पंचेन लामा इतने उच्च पद के अधिकारी हैं कि उनकी सुरक्षा का जिम्मा सिर्फ सरकारी स्तर पर ही संभाला जा सकता था.

उधर चीन ने भी दी प्रतिक्रिया : चीनी दूतावास ने पंचेन लामा की यात्रा की खबरों को झूठा बताया. नेपाल के गृह मंत्री और विदेश मंत्रालय ने चीन से इस मामले पर स्पष्टता मांगी और यह सुनिश्चित किया कि पंचेन लामा की यात्रा पर रोक लगाई जाए.

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