नई दिल्ली/इस्लामाबाद : पाकिस्तान समय-समय पर कश्मीर के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाकर दुनिया की सहानुभूति लेने की कोशिश करता रहता है, लेकिन उसे अभी तक कोई बड़ी कामयाबी नहीं मिली है. इस बीच हाल ही में उसे अपने ही देश में उसे इसका राग अलापना उल्टा पड़ गया और उसे अपने ही घर में काफी फजीहत झेलनी पड़ी.
दरअसल, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको को पाकिस्तान के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचे थे. इस दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद में उनसे मुलाकात की. इस मीटिंग में उन्होंने कश्मीर मुद्दा उठाया तो लुकाशेंको ने स्पष्ट कर दिया कि वह किसी भी राजनीतिक मुद्दे पर चर्चा करने नहीं आए हैं. उन्होंने कहा, “मैं यहां केवल व्यवसाय और द्विपक्षीय सहयोग पर बात करने आया हूं.”
क्या कहा बेलारूस के राष्ट्रपति ने? : पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक के दौरान शहबाज शरीफ ने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको को खास दोस्त बताया और फिर उनके सामने कश्मीर का मुद्दा उठा दिया. वह चाहते थे की लुकाशेंको कश्मीर मुद्दे पर भारत विरोधी बयान दें, लेकिन बेलारूस के राष्ट्रपति ने इसके बदले जो किया उससे शरीफ को बड़ा झटका लगा. लुकाशेंको ने इस पर बोलने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, “कश्मीर छोड़िए, मैं यहां केवल व्यवसाय और द्विपक्षीय सहयोग पर बात करने आया हूं.”
प्रोटोकॉल तोड़कर स्वागत करने पहुंचे थे शहबाज शरीफ : बेलारूस के राष्ट्रपति के इस जवाब को सुनकर शरीफ असहज से दिखे. बेलारूस के राष्ट्रपति के स्पष्ट रुख ने पाकिस्तान के कूटनीतिक प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए और पाक की दुनिया के सामने फजीहत हो गई. दरअसल, पाकिस्तान की कूटनीति पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि शहबाज शरीफ प्रोटोकॉल को तोड़कर बेलारूस के राष्ट्रपति का स्वागत करने खुद एयरपोर्ट पर पहुंच गए थे.
पाकिस्तान के पत्रकार ने भी दिखाया आईना : पाकिस्तानी पत्रकार आरजू काजमी ने इस मुद्दे पर अपने यूट्यूब चैनल पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा, कश्मीर का हर मंच पर मुद्दा उठाना पाकिस्तान की राजनीति और कूटनीति का हिस्सा बन गया है, लेकिन लुकाशेंको का जवाब यह दर्शाता है कि सभी देश इस मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन नहीं कर सकते.
कश्मीर के गृहमंत्री ने बताया था विदेशी भूमि : कश्मीर पर हाल ही में पाकिस्तान की यह पहली फजीहत नहीं है. हाल ही में पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने भी इसे लेकर एक ऐसा बयान दिया था, जिससे काफी हंगामा हुआ था. दरअसल, जब उनसे पूछा गया कि क्या कश्मीर के लोग इमरान खान की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि कश्मीर ‘विदेशी भूमि’ है. इस बयान के बाद पाकिस्तानी सियासत में काफी हलचल मच गई और विपक्षी दलों ने इसे राष्ट्रीय नीति के खिलाफ बताया.