नई दिल्ली : एक तरफ शहबाज़ सरकार में पाकिस्तान महंगाई के आंसू रो रहा है. दूसरी तरफ पाकिस्तान में एक ऐसा धंधा फल फूल रहा है. जिसमें शामिल लोग बंगला, गाड़ी और बैंक बैलेंस लगातार बढ़ा रहे हैं.
बता दें कि पाकिस्तानी हुक्मरान भीख मांगने के धंधे में एक्सपर्ट हैं. लेकिन जिन पाकिस्तानियों का ये खानदानी पेशा है. वो पाकिस्तान में ऐसी दावत दे रहे हैं, जिसे देखकर खुद पाकिस्तानी हैरान है. अब तो खबर ये भी सामने आ रही है कि जल्द ही शहबाज पाकिस्तान के इन स्लम डॉग मिलेनियर के आगे झोली भी फैलाने वाले हैं.
पाकिस्तान में महंगाई से लोगों की चीखें निकल आई हैं. हर चीज इतनी ज्यादा महंगी हो गई है कि आम बंदा झेल ही नहीं सकता. खाना भी नहीं हो पा रहा. दो वक्त की रोटी खानी तो बहुत मुश्किल है. ऐसे हाल में सिंध के गुजरांवाला में एक भिखारी खानदान ने अपनी दादी के चालीसवें पर 12 हजार से ज्यादा लोगों के लिए सवा करोड़ रुपये खाना तैयार करवाया. 120 साल की सकीना बीवी के चालीसवें पर 250 बकरे काटे गए. खाने में मुरब्बे थे, कोल्ड ड्रिंक थी और गोश्त थे. मेहमानों की गाड़ियों के लिए पार्किंग एरिया भी बनाया गया था.
जिस वक्त पाकिस्तान की आवाम रमज़ान पर महंगाई से चीख रही है..मिडिल क्लास को दो वक्त का खाना नसीब नहीं हो रहा है…उस वक्त सिर्फ एक कारोबार ऐसा है जो फल फूल रहा है. जिसकी वजह से पाकिस्तान में रौनकें हैं. पार्टियां हैं. अच्छा खाना है और दावतों के दौर जारी हैं. महंगाई और भूख से तड़पते पाकिस्तानियों के जख्मों पर भिखारियों की ये आलीशान दावत नमक की तरह है.
पाकिस्तान के भिखारियों ने अपनी दादी के चालीसवें पर इतनी बड़ी दावत कैसे और क्यों दी. पूरे पाकिस्तान को भिखारियों ने दावत पर कैसे बुला लिया. कितना बड़ा है भिखारियों का वो खानदान जिसने दादी के चालीसवें पर डेढ़ करोड़ से ज्यादा खर्च कर दिए. पाकिस्तान की आवाम और हुक्मरान इस दावत को देखकर क्या कह रहे हैं. सब कुछ आपको बताएंगे लेकिन पहले समझिए ये दावत कितनी आलीशान थी. जिसकी कवरेज में पाकिस्तानी मीडिया ने भी पूरी जान लगा दी.
सुबह से शाम तक चली भिखारी की इस दावत का मेन्यू इतना शानदार था कि पाकिस्तानियों के मुंह में सुन सुन कर पानी आ रहा है. पाकिस्तान के कोने कोने से भिखारियों की दावत में लोग गाड़ी भर भर कर पहुंचे. आम पाकिस्तानी इस महंगाई के दौर में बच्चों की शादी में अधिक से अधिक 200-250 लोगों को बुला पाते हैं. लेकिन भिखारी की दादी के चालीसवें में 12 से 15 हजार लोगों ने दावत उड़ाई.
पूरे पाकिस्तान में चर्चित हुई इस दावत में मर्दान, पेशावर, आज़ाद कश्मीर, रावलपिंडी, इस्लामाबाद और पूरा गुजरांवाला डिवीज़न से लोग आए. यहां तक कि लाहौर और कराची से भी मेहमान उस दावत में पहुंचे. मजे की बात ये थी कि इस दावत में शामिल होने वाले भी भिखारी ही थे, जो पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों से वहां पर पहुंचे थे.
अब जानिए, इस भिखारी खानदान ने अपनी दादी के चालीसवें पर जो दावत दी उनका मेन्यू क्या था. तो ब्रेक फास्ट से लेकर मेन कोर्स तक मेहमानों के स्वाद का भिखारियों ने पूरा इंतज़ाम किया था. इस दावत में वो खाना था, जिसके बारे में आम पाकिस्तानी सोच भी नहीं सकता क्योंकि उसको तो दो वक्त की रोटी तक नसीब नहीं है.
इधर पाकिस्तान के भिखारियों ने मांग मांग कर जलवा काट रखा है. भिखारियों ने दादी के चालीसवें में 250 से 300 बकरे कटवा दिए. कोल्ड ड्रिंक की नदियां बहा दीं. गाजर और सेब के ऐसे ऐसे मुरब्बे पार्टी में रखे कि उसके बारे में सुनकर ही पाकिस्तानियां की लार लपकने लगी. भिखारियों ने पाकिस्तान भर से लोगों को बुलाकर जो दावत दी.
उसके लिए हजारों लोगों की क्षमता वाला बड़ा पंडाल भी बनाया गया. इस पंडाल में बैठकर ही लोगों ने इन लज़ीज व्यंजनों का ज़ायका लिया. भिखारियों की दादी के चालीसवें की दावत में सबसे ज्यादा चर्चा में रहे 250 से ज्यादा बकरे..जिन्हें स्वाद के लिए मार दिया गया.
पाकिस्तान की मीडिया इतने बकरों के मटन की कवरेज करने उस खानसामे तक भी पहुंची, जिसने इसे तैयार किया तो और बड़ा खुलासा हुआ. पाकिस्तान के पत्रकारों ने भिखारियों की इस दावत की कवरेज इतनी बारीकी से की कि छोटी से छोटी सूचना भी पाकिस्तानियों को मिल पाए और आवाम भिखारियों से प्रेरणा ले पाए.
हर चैनल का टॉप पत्रकार भिखारियों की दावत में पहुंचा था. दावत तो उड़ाई होगी ही. सवाल भी ऐसे ऐसे हुए कि पाकिस्तानी वाह वाह कर उठे. 12 से 15 हजार लोगों की दावत…250 से 300 बकरों की कुर्बानी. पाकिस्तान के पत्रकारों ने ऐसी दावत कभी नहीं देखी थी. इसलिए पकाने का वक्त और बांटने में लगे लोगों की जानकारी भी जुटा ली.
चलिए अब आप पाकिस्तान के उस भिखारी खानदान के बारे में भी जान लीजिए..जिसने इतनी शानदार दावत देकर उन पाकिस्तानियों के मुंह पर जोरदार तमाचा जड़ा है. जो 24×7 महंगाई का रोना रोते रहते हैं. महंगाई पर आंसू बहाने वाली पाकिस्तान की आवाम, भीख मांगने वाली उस किंगरा बिरादरी की दावत से बहुत कुछ सीखना चाहती है. जिसके पास भीख मांगने वालों की बड़ी फौज है. जिन्होंने मिलकर इस दावत का इंतज़ाम कर डाला.
सिंध के गुजरांवाला में किंगरा बिरादरी की 120 साल की महिला के 6 बेटों और उसके 47 पोतों ने उसके 40वें की समारोह को शाही अंदाज में मनाकर यागदार बना दिया है. भिखारियों के खानदान के मुखिया ने बताया किस तरह 6 भाइयों और उनके 40 से 45 बेटों ने अपने अपने इलाके में भीख मांगने के कारोबार से इतना माल बनाया कि मरहूम दादी के चालीसवें में यादगार दावत कर डाली.
अब आप ये भी समझिए आखिरकार इन पाकिस्तानी भिखारियों ने अपनी दादी को ये यादगार विदाई क्यों दी. ये इस भिखारी खानदान की नींव डालने वाली 120 साल की महिला को पूरे खानदान की तरफ से दिया गया सम्मान था. जिसमें पाकिस्तान के कोने कोने में रहने वाले किंगरा समुदाय के हर भिखारी को बुलाया गया. जो भीख मांगकर गुज़ारा करते हैं.