PoJK : पाकिस्तानी कब्जे वाला कश्मीर में कारोबार-जनजीवन अस्त-व्यस्त, हिंसक प्रदर्शन से बढ़ा तनाव 

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नई दिल्ली : पाकिस्तान के खंड-खंड होने के आसार हैं. भारत से जीतने के चक्कर में पहले ही अपने दो टुकड़े करा चुके पाकिस्तान के हाथ से उसके कब्जे वाला कश्मीर यानी पीओजेके निकलने के आसार बढ़ गए हैं. बीते करीब सात दिनों से पाकिस्तानी कब्जे वाला कश्मीर जीरो स्टेट जैसा बन गया है. PAK फौज बेबस है, पुलिस गायब है, लगता है पाकिस्तानी कब्जे वाला कश्मीर पाकिस्तान से कट गया है. PoJK में बीते कई दिनों से जारी हिंसक प्रदर्शनों के चलते सारी दुकाने बंद हैं, सारा कारोबार ठप पड़ा है यानी पीओके पाकिस्तान से आर्थिक रूप से कट चुका है क्योंकि कई दिन से चार आने यानी चवन्नी का योगदान भी इस्लामाबाद की दम तोड़ती इकॉनमी को नहीं मिला है.

कारोबार ठप : कई दिनों तक चले हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद, पाकिस्तान के कब्जे वाले मुजफ्फराबाद में दुकानें और व्यवसाय सब बंद रहे. इन हिंसक प्रदर्शनों में चार दिनों में कम से कम आठ लोगों की मौत की जानकारी सामने आ रही है. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में 29 सितंबर से शुरू हुए प्रदर्शन का पहला हफ्ता बीतने को है और वहां कारोबार ठप पड़ा है.

प्रदर्शनकारी लगातार दुकाने बंद कराने के साथ छोटी-छोटी रैलियां निकाल रहे हैं. ये हिस्सा पूरी तरह से आर्थिक गतिविधियों से कट गया है. इस बीच जम्मू कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के नेता राजा शोएब ने कहा, ‘हम किसी के खिलाफ नहीं हैं. ये पाकिस्तान के उत्पीड़ित लोगों की भी मांगें हैं. एक समय आएगा जब पाकिस्तान के उत्पीड़ित लोग, पाकिस्तान के गरीब लोग कश्मीरी लोगों की तरह एक आवाज बनेंगे और वहां बैठे भ्रष्टाचारी लोग विधानसभाओं और संसद से भाग जाएंगे.

दूसरे दौर की वार्ता : डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार के वार्ता दल और संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बीच शुक्रवार को मुजफ्फराबाद में दूसरे दौर की बातचीत हुई, क्योंकि पाकिस्तानी कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर (POJK) में फैले तनाव को कम करने की कोशिशें जारी हैं. इस पूरी बातचीत की टाइमिंग काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले हफ्ते JAAC, PoJK सरकार और संघीय मंत्रियों के बीच वार्ता फेल हो गई थी. उस समय एलीट क्लास के विशेषाधिकारों और शरणार्थियों के लिए आरक्षित सीटों पर मतभेदों के कारण बातचीत टूट गई थी.

पाकिस्तान सरकार का बयान : संसदीय कार्य मंत्री तारिक फजल चौधरी ने एक्स पर लिखा- ‘सरकार की कमेटी मुजफ्फराबाद में जेएएसी प्रतिनिधियों के साथ दूसरे दौर की बातचीत कर रही है. हम लोगों के अधिकारों का समर्थन करते हैं. ज्यादातर मांगे मान ली हैं और बाकी मांगो को पूरा करने के लिए संवैधानिक संशोधनों की जरूरत है. हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. उम्मीद है कि एक्शन कमेटी शांतिपूर्ण बातचीत से सारे मुद्दों का समाधान निकाल ही लेगी.’

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