नई दिल्ली : वैलेंटाइन वीक का दूसरा दिन, यानी प्रपोज डे आज है, जिसे प्यार के इजहार का सबसे खूबसूरत मौका माना जाता है. 8 फरवरी को मनाया जाने वाला यह दिन उन भावनाओं को शब्द देने का अवसर देता है, जो अक्सर दिल में ही रह जाती हैं. चाहे पहली बार किसी से अपने जज्बात कहना हो या पुराने रिश्ते को एक नया नाम देना हो, प्रपोज डे प्यार को खुलकर स्वीकार करने का प्रतीक है. यह दिन रिश्तों में ईमानदारी, भरोसे और भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत करता है, इसलिए युवाओं से लेकर कपल्स तक सभी के लिए यह दिन बेहद खास है.
प्रपोज डे की कोई तय ऐतिहासिक शुरुआत नहीं है, लेकिन प्यार के इजहार की परंपरा बहुत पुरानी रही है. कुछ रिपोर्ट्स इतिहास में दर्ज एक मशहूर घटना के बारे में बताते हैं जो 1477 की मानी जाती है, बताया जाता है कि उस दौर में ऑस्ट्रिया के आर्कड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी देकर अपने प्यार का इजहार किया था. कहा जाता है कि इसी प्रपोज के बाद कपल्स के बीच सगाई की अंगूठी देने की परंपरा लोकप्रिय हुई. समय के साथ प्यार जताने के तरीके बदले, लेकिन भावनाओं की सच्चाई वही रही. यही सोच आगे चलकर प्रपोज डे जैसे खास दिन की पहचान बनी. हालांकि वक्त के साथ-साथ इस दिन को वैलेंटाइन वीक में शामिल कर लिया गया, जिसे हर साल अब 8 फरवरी को मनाया जाता है.
प्रपोज डे का मतलब सिर्फ घुटनों पर बैठकर अंगूठी देना नहीं है. बल्कि यह दिन अपने दिल की बात साफ और सच्चे तरीके से कहने की प्रेरणा देता है. कई लोग इस दिन अपने क्रश को प्रपोज करते हैं, तो कई अपने पार्टनर को यह एहसास दिलाते हैं कि वे उनकी जिंदगी में वह कितना अहम है. यह दिन डर, झिझक को पीछे छोड़कर ईमानदार बातचीत को आगे बढ़ाने का संदेश देता है, जिससे रिश्तों में पारदर्शिता और मजबूती आती है.
प्रपोज डे को खास बनाने के लिए भव्य इंतजाम करना जरूरी नहीं होता है. एक लाल गुलाब, दिल से कही गई बात, हाथ से लिखा छोटा सा नोट या पसंदीदा जगह पर बिताया गया वक्त भी काफी होता है. सामने वाला तभी किसी का प्रपोजल मानता है, जबतक उसका दिल उसे अपना न बना लें. इसलिए अपने शब्दों में प्यार जताएं, सामने वाले की भावनाओं का सम्मान करें और पल को यादगार बनाएं. सादगी से किया गया इजहार अक्सर दिल को सबसे ज्यादा छू जाता है.