नई दिल्ली : दुनियाभर में साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने वाला है। दिलचस्प बात यह है कि इस साल दुनिया सूर्य ग्रहण की दो प्रमुख खगोलीय घटनाओं का दीदार करेगी। इनमें से पहला ग्रहण 17 फरवरी यानी मंगलवार को लगेगा, जो एक वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। इसे दुनिया भर में रिंग ऑफ फायर के नाम से भी जाना जाता है।
खगोलीय गणनाओं के अनुसार, यह ग्रहण भारतीय समयानुसार मंगलवार दोपहर लगभग 12:31 बजे अपने चरम पर होगा। यह अंटार्कटिका जैसे क्षेत्रों में पूर्ण रूप से दिखाई देगा। इस दौरान रिंग ऑफ फायर का अद्भुत दृश्य लगभग 2 मिनट 20 सेकंड तक बना रहेगा। ग्रहण की शुरुआत वैश्विक समयानुसार (यूटीसी) सुबह 09:56 बजे होगी। यह मुख्य रूप से दक्षिणी गोलार्ध के देशों के लिए अनुकूल है।
17 फरवरी के रिंग ऑफ फायर के बाद, 12 अगस्त 2026 को दुनिया एक पूर्ण सूर्य ग्रहण देखेगी। यह एक दुर्लभ अवसर होगा जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से ढंक लेगा। इससे प्रभावित क्षेत्रों में कुछ मिनटों के लिए दिन, रात में बदल जाएगा।
यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसका मुख्य कारण यह है कि जब यह खगोलीय घटना घटित होगी, तब भारत में सूर्य क्षितिज के नीचे होगा (रात या शाम का समय)। इसलिए देश के किसी भी हिस्से से इस ग्रहण को देखना संभव नहीं होगा।