नई दिल्ली : सऊदी अरब के हरमैन ने शुक्रवार रात ऐलान किया कि ईद-उल-फितर का चांद नजर आ गया है और ईद रविवार 31 मार्च को मनाई जाएगी. इस ऐलान के बाद आज सऊदी समेत कई मुस्लिम देशों के लोग ईद मना रहे हैं, लेकिन चांद दिखने को लेकर इस साल भी एक विवाद ने जन्म ले लिया है. ईद के चांद पर बहस कोई नई नहीं है, बल्कि सालों से अलग-अलग देशों, प्रदेशों की चांद कमेटी आपस में भिड़ जाती हैं, जिसके नतीजातन कुछ मुसलमान ईद एक दिन पहले मनाते हैं, तो कुछ बाद में.
हालांकि भारत में अक्सर सऊदी के एक दिन बाद ईद मनाई जाती है. ब्रिटेन स्थित न्यू क्रिसेंट सोसाइटी ने पहले ही चांद के ऐलान के बारे में चिंता जताई है, इसे ‘विवादास्पद’ कहते हुए कहा कि सूर्य ग्रहण की वजह से शव्वाल (ईद का महीना) अर्धचंद्र को देखा नहीं जा सकता है. विशेषज्ञों ने इसे वैज्ञानिक तौर पर असंभव बताया है.
ईद के चांद दिखने पर क्यों आपत्ति? : खगोलविदों के मुताबिक ग्रहण के तुरंत बाद नया अर्धचंद्र देखना लगभग असंभव है, जिससे सऊदी अरब का दावा अत्यधिक संदिग्ध हो गया. फिर भी, इतिहास बताता है कि ऐसे दावे असामान्य नहीं हैं, जिससे कई लोग यह मानने लगे हैं कि ये ‘भूतिया चंद्रदर्शन’ वास्तविक दृश्यता के बजाय पहले से छपे उम्म अल-कुरा कैलेंडर के साथ संरेखित हैं.
ब्रिटेन में कब मनाई जाएगी ईद? : ब्रिटेन की न्यू क्रिसेंट सोसाइटी के एक बयान में कहा गया है, “ऐसा लग रहा है कि इस साल हम एक बार फिर अलग-अलग ईद मनाएंगे, हालांकि हमें इस हफ्ते निश्चित रूप से पता चल जाएगा. यह साल बहुत विवादास्पद है, क्योंकि सऊदी में ‘असंभव’ चांद दिखने ने विवाद की संभावना को बड़ा दिया है. बेशक, ये सिर्फ भविष्यवाणियां हैं. स्थानीय दर्शकों (ब्रिटेन) के लिए यह बिल्कुल सीधा है. हमारा रमजान का 29 वां दिन रविवार 30 मार्च को होगा. UK में चांद आसानी से दिखाई देगा. इसका मतलब है कि ईद सोमवार 31 मार्च को होगी.
सोशल मीडिया पर भी कुछ लोगों ने सऊदी अधिकारियों के चांद देखने में आपत्ति जताई है, क्योंकि तस्वीरों में आसमान में बादल दिखाई दे रहे हैं. वहीं भारत के बात करें तो भारत में ईद का चांद रविवार शाम को लोग देखेंगे, चांद दिखता है, तो 31 मार्च की ईद मनाई जाएगी.