महंगा हो जाएगा स्पीड पोस्ट करना, OTP-ट्रैकिंग फीचर के साथ और सुरक्षित होगी सेवा

नई दिल्ली : अगर आप भी उन लोगों में से हैं, जो निजी कूरियर कंपनियों की जगह भारतीय डाक की स्पीड पोस्ट सर्विस का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। डाक विभाग ने स्पीड पोस्ट के जरिये दस्तावेज भेजने के शुल्क में बदलाव की घोषणा की है। नई दरें बुधवार, एक अक्तूबर से लागू होंगी। इसके तहत, अब आपको पहले से ज्यादा कीमत चुकानी होगी। इसके साथ ही डाक विभाग ने कुछ नए फीचर्स भी जोड़े हैं। इसमें ओटीपी आधारित डिलीवरी, रियल-टाइम ट्रैकिंग और ऑनलाइन बुकिंग शामिल हैं।

अंतर्देशीय स्पीड पोस्ट के नए शुल्क 1 अक्तूबर 2025 से प्रभावी होंगे। स्थानीय क्षेत्रों में 50 ग्राम तक के स्पीड पोस्ट के लिए नया शुल्क 19 रुपए होगा। 50 ग्राम से 250 ग्राम तक के सामान के लिए 24 रुपए और 250 से 500 ग्राम से अधिक वजन के सामान के लिए 28 रुपए शुल्क लगेगा।

दूरी बढ़ने के साथ शुल्क में भी वृद्धि होगी। 200 किलोमीटर से 2000 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 50 ग्राम तक के सामान भेजने के लिए 47 रुपए शुल्क लगेगा। वजन बढ़कर 51 ग्राम से 250 ग्राम तक होने पर इतनी ही दूरी के लिए 59 से 77 रुपए तक का चार्ज लगेगा। वहीं, 251 से 500 ग्राम तक के सामान के लिए 70 से 90 रुपए का शुल्क लिया जाएगा। इसके ऊपर माल एवं सेवा कर जीएसटी भी लागू होगा।

छात्रों के लिए स्पीड पोस्ट सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए, स्पीड पोस्ट शुल्क पर 10% की छूट शुरू की गई है। ग्राहक रजिस्ट्रेशन सर्विस के जरिए भी स्पीड पोस्ट डिलीवरी भेज सकते हैं। इस सर्विस का फायदा उठाकर दस्तावेज और पार्सल दोनों ही सुरक्षित तरीके से प्राप्तकर्ता तक भेजे जा सकते हैं। 
इस सर्विस में सामान की डिलीवरी सिर्फ प्राप्तकर्ता या प्राप्तकर्ता द्वारा अधिकृत व्यक्ति को ही जाएगी। इसके लिए प्रति स्पीड पोस्ट 5 रुपए शुल्क के साथ जीएसटी लगेगी। इसी तरह, ‘वन-टाइम पासवर्ड डिलीवरी’ सर्विस के लिए भी प्रति स्पीड पोस्ट आइटम 5 रुपए का शुल्क, साथ ही जीएसटी देना होगा।

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