जालंधर : पंजाब के जालंधर जिले का किशनपुरा इलाका इन दिनों सुर्खियों में है। यहां एक एनआरआई ने अपने घर की छत पर स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी बना डाला है। इसे देखने के लिए अब दूर-दूर लोग पहुंच रहे हैं। आसपास के इलाकों के साथ-साथ शहर के दूसरे हिस्सों से भी लोग इस अनोखी मूर्ति के साथ तस्वीरें खिंचवाने के लिए पहुंच रहे हैं। स्टेच्यू ऑफ लिबर्डी को गुरजीत सिंह मथारू ने अपने घर की छत पर बनवाया है। वो पिछले 26 वर्षों से न्यूयॉर्क में रह रहे हैं। उन्होंने अपने पुश्तैनी घर की चौथी मंजिल पर इस प्रतिकृति को स्थापित करवाया है।
मथारू के लिए यह केवल सजावट का साधन नहीं, बल्कि उनके जीवन के महत्वपूर्ण अनुभवों और यादों का प्रतीक है। उनका कहना है कि न्यूयॉर्क में रहते हुए जब भी वह स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के पास से गुजरते थे तो उन्हें एक अलग ही भावनात्मक जुड़ाव महसूस होता था। उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क में लोग स्टैच्यू ऑफ़ लिबर्टी के साथ तस्वीरें लेना पसंद करते हैं।
मैंने सोचा कि जालंधर में भी कुछ ऐसा बनाया जाए ताकि यहां के लोग भी इसका आनंद ले सकें। मेरी यह सोच अब सफल होती दिख रही है। क्योंकि रोजाना कई लोग इस स्थान पर पहुंच रहे हैं।
मैं हर साल भारत आते हूं, लेकिन अमेरिका में बिताए गए पल हमेशा मेरे साथ रहते हैं। इसी भावना को जीवित रखने के लिए मैंने अपने घर की छत पर इस मूर्ति को बनवाने का फैसला किया। इस प्रतिकृति को तैयार करने में लगभग 20 से 25 दिन का समय लगा और करीब 3 लाख रुपये का खर्च आया।
मथारू अमेरिका में कंस्ट्रक्शन का व्यवसाय करते हैं। उन्होंने अपनी छत को अमेरिकी झंडों से भी सजाया है। इसके अलावा उन्होंने अपने पसंदीदा दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पोस्टर भी लगाए हैं। बता दें कि पंजाब के घरों की छतों पर अकस्र इस तरह की संरचनाएं बनाने का चरण है।
राज्य के दोआबा क्षेत्र अपनी बड़ी एनआरआई आबादी के लिए जाना जाता है। यहां घरों की छतों पर हवाई जहाज, फुटबॉल और ट्रैक्टर जैसी रचनात्मक संरचनाएं बनवाने का चलन पहले से ही रहा है। जालंधर में बनाई गई सरंचना अब नया आकर्षण का केंद्र बन गई है।
