नई दिल्ली : भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने बाद आज बुधवार को धरती पर वापस आ गए हैं. सभी अंतरिक्ष यात्रियों ने धरती पर सफल लैंडिंग कर ली है. पूरी टीम की मेडिकल जांच की जा रही है. नासा ने प्रेसवार्ता करके पूरे मिशन को सफल बताया है. नासा ने कहा कि सबकुछ प्लानिंग के मुताबिक हुआ और सभी अंतरिक्ष यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं.
9 महीने के लंबे अरसे के बाद आखिरकार सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर अंतरिक्ष से वापस लौट आए हैं. इस दौरान उनके साथ निक हेग और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोर्बुनोव भी थे. यह वापसी स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के सफल स्प्लैशडाउन के बाद हुई. उनकी वापसी का दिलचस्प वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो रहा है. जिसमें देखा जा सकता है कि किस तरह चार छतरियों वाला एक यान बीच समुद्र में उतरा.
ताजे पानी से धोया यान : सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक जब अंतरिक्ष यात्री कैप्सूल से बाहर आए, तो उन्हें स्ट्रेचर पर ले जाया गया. यह एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसे स्पेसएक्स लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने वाले यात्रियों के लिए अपनाता है ताकि वे आराम से समायोजित हो सकें. इससे पहले, एक कर्मचारी ने कैप्सूल को ताजे पानी से धोया ताकि उस पर लगी खारे पानी की परत को हटाया जा सके. स्पेसएक्स की अधिकारी केट टाइस ने बताया कि समुद्री पानी धातु को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए इसे जल्द से जल्द साफ किया जाता है.
कर्मचारियों ने सुरक्षा को बनाया यकीनी : क्रू ड्रैगन का साइड हैच पूरे मिशन के दौरान बंद रहता है. जब यह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से जुड़ा होता है, तो यात्री ऊपर लगे एक अलग हैच से अंदर-बाहर जाते हैं. स्पेसएक्स के रिकवरी जहाज ‘मेगन’ ने एक बड़े रिग की मदद से कैप्सूल को पानी से बाहर निकाला. उस दौरान टीम ने यह सुनिश्चित किया कि कोई ईंधन रिसाव न हो.
मछलियों ने किया स्वागत : जब कैप्सूल फ्लोरिडा के तल्हासी तट के पास समुद्र में उतरा, तो उसके आसपास कई डॉल्फिन तैरती नजर आईं. सीएनएन के मुताबिक कम से कम पांच डॉल्फिन कैप्सूल के चारों तरफ घूम रही थीं, मानो अपने अंदाज में अंतरिक्ष यात्रियों का स्वागत कर रही हों. वहां मौजूद नौकाओं ने कैप्सूल को स्थिर करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद की.
कब गई थी सुनीता विलियम्स? : नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग और रूसी कॉस्मोनॉट अलेक्जेंडर गोर्बुनोव सितंबर 2024 से अंतरिक्ष में थे. वहीं, बुच विलमोर और सुनीता विलियम्स का मिशन उससे भी लंबा चला. वे जून 2024 में गए थे और सिर्फ एक हफ्ते में लौटने की योजना थी, लेकिन उनके बोइंग स्टारलाइनर कैप्सूल में तकनीकी दिक्कतों की वजह से उनकी वापसी में देरी हो गई और यह मिशन नौ महीने से भी ज्यादा लंबा हो गया.
व्हाइट हाउस ने किया ट्वीट : इससे पहले, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन ‘भूले-बिसरे’ अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाने का वादा किया था और वह पूरा हुआ. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा,’राष्ट्रपति ट्रंप ने आम आदमी का ध्यान रखने का वादा किया था. आज शाम 5:57 बजे – वादा किया, वादा पूरा किया.’