बांदा : उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की शहजादी को मृत्युदंड से बचाने के लिए यहां के लोगों की आवाज अब दुबई तक पहुंच गई है। दुबई सरकार ने दावतनामा में वेबसाइट व फोन नंबर जारी कर आम लोगों से शिकायत, सुझाव व साक्ष्य मांगे हैं। जिसका निस्तारण एक दिन में करने की बात कही। दावतनामे की एक कॉपी आबूधाबी जेल में बंद पीड़िता शहजादी को भी दी गई है।
मटौंध थाना क्षेत्र के गोयरा मुगली गांव की शहजादी को हत्या के मामले में दुबई की अदालत ने मृत्युदंड की सजा सुनाई है। शहजादी भारत में एक समाजसेवी थी। जिसे फेसबुक के जरिए दोस्ती कर कुछ लोग उसे आगरा ले गए। वहां से उसे दुबई भेज दिया गया। जहां पर तमाम यातनाएं झेल रही शहजादी को 10 वर्षीय बालक की हत्या के जुर्म में फर्जी फंसा दिया गया।
वहां की अदालत ने उसे मृत्युदंड की सजा सुनाई है। शहजादी के मृत्युदंड की तिथि 21 सितंबर मुकर्रर की गई है। यह जानकारी जैसे ही समाचार पत्र (अमर उजाला) ने प्रकाशित की, यहां राजनीतिक दल, समाजसेवी व आम लोग उसे बचाने के लिए सड़कों पर उतर आए। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर शहजादी को बचाने व मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की है।
एक दिन में निस्तारण करने की बात कही : अब राहत की खबर है कि यहां के लोगों की आवाज दुबई तक पहुंच गई है। वहां की सरकार ने दावतनामा में वेबसाइट व फोन नंबर जारी कर आम लोगों से शिकायत, सुझाव व साक्ष्य मांगे हैं। इसका निस्तारण एक दिन में करने की बात कही। दावतनामे की एक कॉपी आबूधाबी जेल में बंद पीड़िता शहजादी को भी दी गई है।
शहजादी को अब दिन में दो फोन करने की मिली इजाजत : दुबई की अबू धाबी जेल में बंद शहजादी को अभी तक भारत में फोन करने के लिए इजाजत लेने के साथ ही 300 रुपये प्रति दो मिनट की कॉल के जमा करने पड़ते थे। यह पैसा पिता शब्बीर यहां से जमा करता था, लेकिन अब दुबई सरकार ने शहजादी को दिन में दो फोन करने की इजाजत देने के साथ ही शुल्क भी माफ कर दिया है।
क्या है पूरा मामला : फेसबुक के जरिये हुई दोस्ती युवती को भारी पड़ गई। प्रेमी युवती का इलाज कराने के बहाने आगरा ले गया। वहां से उसे दुबई भेजा और फिर बेच दिया। अदालत ने युवती के पिता की याचिका पर दुबई के दंपती सहित चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। वहीं युवती दंपती के बेटे की हत्या में फांसी की सजा होने पर दुबई की जेल में है।
फेसबुक पर दोस्ती कर युवती को दुबई में बेचा : मटौंध थाना क्षेत्र के गोयरा मुगली निवासी शब्बीर खान ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसकी बेटी शहजादी (33) आग में जल जाने के कारण दिव्यांग हो गई थी। वह बांदा रोटी बैंक नामक संस्था में जुड़कर कार्य करती थी। फेसबुक के जरिये आगरा का युवक उजैर पुत्र मतलूब उसके संपर्क में आया और नवंबर 2021 को इलाज कराने के नाम पर बेटी को अपने शहर ले गया।
अब प्रेमिका को फांसी की सजा : वहां उसका वीजा बनवाया और बहला फुसला कर दुबई में रह रहे आगरा निवासी दंपती फैज अहमद व नादिया के पास भेजकर उसे दंपती के हाथों बेच दिया। उजैर ने बेटी के गहने, दिव्यांग कार्ड, एटीएम आदि अपने पास रख लिए। बेटी का बैंक में जमा सारा पैसा, दिव्यांग पेंशन आदि एटीएम से निकाल ली। उधर, दुबई में कुछ दिन बाद फैज के सात वर्षीय बेटे की गलत इलाज के कारण मौत हो गई।
कोर्ट ने बेटी को फांसी की सजा सुनाई है : फैज ने बेटी को हत्या के मामले में फंसा दिया। वहां की अदालत ने बेटी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है। वह मौजूदा समय में जेल में है। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषार दीक्षित ने बताया कि सीजेएम भगवान दास गुप्ता ने मामले को गंभीर अपराध मानते हुए मटौंध थाना पुलिस को मानव व्यापार, धोखाधड़ी आदि में फैज, पत्नी नादिया, फैज की मां अंजुम सहाना बेगम, उजैर के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं।