बदायूं : एक दुल्हन अपने हाथों में मेंहदी लगाकर अपने दूल्हे का इंतजार करती रह गई, लेकिन निकाह के कुछ समय पहले ही दूल्हे ने शादी से इनकार कर दिया। दूल्हे के परिवार ने दहेज में छह लाख रुपये की मांग रखी, नहीं मानने पर दूल्हे ने निकाह से इनकार कर दिया। यह सुनकर दुल्हन के पिता की आंखों में आंसू आ गये और जिस घर में शहनाइयां बज रही थीं उस घर में वीराना छा गया। पेशे से मजदूरी करने वाले पिता बेटी की शादी की पूरी तैयारी कर चुके थे बस बारात आनी थी, लेकिन बारात नहीं आई।
शादी की तैयारी चल रही थी दुल्हन के हाथों पर मेहंदी सज चुकी थी, हलवाइयों ने बारातियों के लिये तमाम पकवान भी तैयार कर लिये थे लेकिन लड़के वालों द्वारा अचानक निकाह से इनकार कर देने के कारण सारी खुशियां काफूर हो गईं।
घटना उत्तर प्रदेश के बदायूं में सिविल लाइंस थाना क्षेत्र इलाके का है। यहां काशीराम आवास कालोनी में रहने वाले एक शख्स ने अपनी तीसरी बेटी का निकाह अपने ही निकट रिश्तेदारी में तय कर दिया था। शादी की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। बारात उझानी के पठान टोला से आनी थी, जब शादी तय हुई थी तो वर पक्ष ने 2 लाख नगद की डिमांड की थी इस पर वधू पक्ष ने उनकी यह डिमांड पूरी भी कर दी थी, अन्य कार्यक्रमों के दौरान दहेज का अन्य सामान भी दे दिया था।
शहर के लकी मैरिज लॉन में आज बारात आनी थी, सारे रिश्तेदार आ चुके थे। इस बीच आज सुबह दूल्हे के पिता अंसार ने लड़की के पिता को फोन किया और कहा कि बारात तब आएगी जब आप छह लाख रुपये कैश और एक बुलेट मोटरसाइकिल देंगे। लोगों ने बताया कि बुलेट की डिमांड पूरी नहीं होने पर दूल्हा घर से भाग गया और हाथों में मेहंदी सजाए दुल्हन उसका इंतजार करता रही।
शादी तय करवाने वाले ने कहा कि जब हमने शादी तय करवाई तो लड़के वालों की डिमांड दो लाख रुपये की थी फिर उन लोगों ने बुलेट मोटरसाइकिल और 6 लाख की और डिमांड कर दी। इनकार करने पर लड़के वालों ने बारात लाने से इनकार कर दिया और लड़के को घर से फरार कर दिया। अब कह रहे हैं कि आप चाहे पुलिस ले आओ या कुछ भी करो बारात अब नहीं आएगी।
वहीं लड़की के पिता का कहना है कि मैंने पहले ही दो लाख रुपये दे दिए थे। शादी की पूरी तैयारियां हो चुकी थीं। उनके कहने पर हमने बैंकवेट हॉल भी लिया। अब लड़के वालों ने बारात लाने से मना कर दिया। कह रहे हैं कि लड़का घर से भाग गया। हम गरीब आदमी हैं हम तो किसी लायक नहीं बचे। हमारी पूरी बिरादरी में बेइज्जती हो गई। अब हमने भी तय कर लिया है कि हम अपनी बेटी की शादी उस घर में नहीं करेंगे।
