उत्तराखंड : सरकारी भवन में बिना अनुमति मुस्लिम समाज के लोगों ने पढ़ी नमाज, मचा बवाल

Uttrakhand-Namaj

नई दिल्ली : उत्तराखंड के धार्मिक और सांस्कृतिक नगर जोशीमठ से सामने आए एक वीडियो से बवाल मचा है। इस वीडियो में कुछ लोगों की भीड़ को एक सरकारी भवन परिसर में एकत्र होकर नमाज़ अदा करते हुए दिखाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इसका पुरजोर विरोध किया और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। यह केवल एक साधारण विवाद नहीं है, यह उस संवेदनशील रेखा को छूता है जहां धर्म, सार्वजनिक व्यवस्था और कानून एक साथ खड़े हो जाते हैं। ऐसे मामलों को भावनाओं से नहीं बल्कि विवेक, संविधान और सामाजिक संतुलन के आधार पर समझना आवश्यक है।

किसी भी धर्म का अनुष्ठान यदि बिना अनुमति सरकारी भवन या सार्वजनिक प्रशासनिक परिसर में किया जाता है, तो यह धार्मिक नहीं बल्कि कानूनी विषय बन जाता है। यही कारण है कि स्थानीय लोगों ने इसे आस्था के बजाय सरकारी व्यवस्था का उल्लंघन माना।

जोशीमठ केवल एक कस्बा नहीं यह तीर्थ परंपरा का केंद्र है। यहां की सामाजिक संरचना धार्मिक भावनाओं से गहराई से जुड़ी है। जब किसी सरकारी परिसर का उपयोग किसी एक समुदाय के धार्मिक आयोजन के लिए होता दिखाई देता है, तो लोगों में यह आशंका पैदा होती है कि: सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग हो रहा है और भविष्य में यह परंपरा बन सकती है और फिर प्रशासन निष्पक्ष नहीं रह पाएगा।

इसीलिए विरोध केवल धार्मिक प्रतिक्रिया नहीं बल्कि प्रशासनिक समानता की मांग भी हो सकता है। यहां लगातार बढ़ रही है नमाज पढ़ने वाली की संख्या, बता दें कि नगरपालिका ने खेल विभाग को दी है इमारत और इस तरह से मुस्लिम समुदाय द्वारा वहां नमाज़ पढ़ने का हिंदू समुदाय ने किया विरोध। हिंदू पक्ष के लोगों का कहना है कि सरकारी जमीन पर नमाज पढ़ना गैरकानूनी है। इसे लेकर शिकायत भी दर्ज कराई गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *