नई दिल्ली : सीरिया से एक झकझोर देने वाला वीडियो सामने आया है. यहां एक हॉस्पिटल के भीतर राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की सरकार के वफादार लड़ाके कर्मचारियों को मौत के घाट उतारते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो को सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स (SOHR) के द्वारा जारी किया गया है. रिपोर्ट कि ये वीडियो स्वैदा नेशनल हॉस्पिटल के अंदर शूट किया गया है, जिसमें हॉस्पिटल की वर्दी पहने कई लोग बंदूक की नोक पर घुटनों के बल बैठे हैं. उनके चारों ओर सीरियाई रक्षा और गृह मंत्रालय से जुड़े बताए जा रहे हथियारबंद लोग खड़े दिख रहे हैं.
वीडियो में देखा गया कि एक हथियारबंद शख्स हॉस्पिटल के कर्मचारी चेहरे पर थप्पड़ मारने के बाद उसे तुरंत ही बिल्कुल पास से दो गोलियां मारते हैं. इसके कुछ पल वीडियो फुटेज में फिर से गोलीबारी होती दिखाई देती है, जिसमें कई लोग ज़मीन पर गिर जाते हैं.
यह घटना स्वेदा शहर में ड्रूज़ लड़ाकों और सुन्नी बेडौइन जनजातियों के बीच जुलाई में शुरू हुई भीषण झड़पों के दौरान हुई. एसओएचआर और चश्मदीदों के मुताबिक, सरकारी सैनिक सीरिया की राजधानी दमिश्क से करीब 110 किलोमीटर दूर स्वेदा में सीजफायर लागू करने के लिए घुसे थे, लेकिन आखिरकार ड्रूज़ मिलिशिया के खिलाफ बेडौइन गुटों के साथ मिल गए. 70,000 से ज्यादा लोगों की आबादी वाला शहर और स्वैदा प्रांत का प्रशासनिक केंद्र स्वैदा, द्रूज बलों के पूरे कंट्रोल में बना हुआ है. जबकि सरकार ने आसपास के इलाकों में कई द्रूज गांवों पर फिर से कब्जा कर लिया है.
आध्यात्मिक नेता हिजरी ने ये मांग की : शनिवार को सीरिया के ड्रूज़ कम्युनिटी के आध्यात्मिक नेता शेख हिकमत अल-हिजरी ने हॉस्पिटल की घटनाओं समेत स्वीदा हिंसा की इंटरनेशनल कम्युनिटी से जांच की मांग की. एक संबोधन में उन्होंने मांग की कि ज़िम्मेदार लोगों को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट के सामने लाया जाए और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की तैनाती की मांग की.
ड्रूज़ मुस्लिम और इजरायल : ड्रूज़ इजराइल में अल्पसंख्यक हैं, और उनमें से कई इजराइली सेना में हैं. यही कारण है कि इस संघर्ष में इजरायली सेना भी अहम भूमिका निभाई. ड्रूज़ नेताओं के मुताबिक, इजराइली हमलों ने उनके समुदाय के व्यापक नरसंहार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
