चंडीगढ़ : पंजाब में बाढ़ और बारिश ने लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं। इस मुश्किल दौर में लोगों को बचाने के लिए सेना एनडीआरएफ समेत तमाम सुरक्षा बल के जवान जुटे हैं। अपनी जान पर खेल कर लोगों को बचाने वाले इन जांबाज सैनिकों को हर कोई सलाम कर रहा है। वहीं, लोगों को बचाने के लिए आर्मी, एयरफोर्स, बीएसएफ और एनडीआरएफ सभी अपने रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं। इसी कड़ी में एयरफोर्स ने एक डेयरिंग ऑपरेशन को अंजाम देते हुए ढलान पर ही हेलीकॉप्टर का एक पहिया टिकाकर बाढ़ में फंसे जवानों को सुरक्षित निकाला। ये जवान यहां टूटे बैराज में फंस गए थे।
इनमें एनडीआरएफ के जवान और एक गरुड़ कमांडो शामिल था। इसकी सूचना मिलते ही एयरफोर्स का एमआई-17आईवी हेलीकॉप्टर पठानकोट के माधोपुर हेडवर्क्स के पास पहुंच गया। यहां रावी दरिया उफान पर चल रहा था। जहां जवान फंसे थे वहां हेलीकॉप्टर उतारने की जगह नहीं थी। इस पर एयरफोर्स ने जांबाजी दिखाते हुए वहीं दरिया किनारे एक खड़ी ढलान पर एक पहिया टिकाकर जवानों को सुरक्षित निकाल लिया।
उधर, सेना की व्रज कोर ने ऑपरेशन राहत के तहत गुरदासपुर, अमृतसर और अजनाला के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ में फंसे लोगों की जान बचाने और राहत पहुंचाने का काम किया। इस दौरान ब्यास नदी के किनारे कपूरथला के बाढ़ प्रभावित इलाकों में कोर के सैनिकों ने फंसे हुए परिवारों और पशुओं को निकाला और लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की।
भारतीय सेना की पश्चिमी कमान भी पंजाब के विभिन्न इलाकों में राहत कार्यों में जुटी है। 47 टुकड़ियां बाढ़ग्रस्त इलाकों में सक्रिय हैं। सेना के फॉर्मेशन इंजीनियरों, चिकित्सा और संचार साधनों को भी तैनात किया गया है। इस मिशन में तीन उन्नत हल्के हेलीकॉप्टरों, 10 टोही और अवलोकन हेलीकॉप्टरों, छह एमआई-17 और एक चिनूक सहित 20 विमानों ऑपरेशन में लगे हुए हैं।
