नई दिल्ली : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शनिवार को 2022 फुलवारी शरीफ आपराधिक साजिश मामले में प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के बिहार प्रदेश पूर्व अध्यक्ष को गिरफ्तार कर लिया है। बिहार के जिला कटिहार के हसनगंज क्षेत्र के निवासी महबूब आलम उर्फ महबूब आलम नदवी को किशनगंज से पकड़ा गया है। इस मामले में गिरफ्तार होने और आरोपपत्र दाखिल करना, आलम 19वां आरोपी हैं। स्थानीय पुलिस ने इस मामले में 26 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
एनआईए के मुताबिक, केस संख्या आरसी-31/2022/एनआईए/डीएलआई में पीएफआई और उसके सहयोगियों का गैरकानूनी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल होना पाया गया था। इनका उद्देश्य विभिन्न धर्मों और समूहों के सदस्यों के बीच धार्मिक दुश्मनी फैलाकर आतंक का माहौल बनाना था। यह मामला शांति और सद्भाव के लिए हानिकारक गतिविधियों से संबंधित है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक शांति भंग करना और भारत के विरुद्ध असंतोष पैदा करना था। इस संगठन के द्वारा अपने मकसद में कामयाबी हासिल करने के लिए आपराधिक बल प्रयोग को उचित ठहराया गया था।
पीएफआई के सदस्य भारत में इस्लाम का शासन स्थापित करने के उद्देश्य से पीएफआई की विचारधारा को बढ़ावा देकर आम जनता में भय फैलाने में लिप्त थे। ये बातें, जब्त किए गए विजन दस्तावेज “भारत 2047 भारत में इस्लाम के शासन की ओर, आंतरिक दस्तावेज़: प्रसार के लिए नहीं” में परिकल्पित है। 11 जुलाई 2022 को अहमद पैलेस, फुलवारी शरीफ, पटना से जब्त किए गए उक्त दस्तावेज में बताया गया है कि आरोपी महबूब आलम पीएफआई की साजिश का हिस्सा था। एनआईए की जांच के अनुसार, वह सह-आरोपियों के साथ मिलकर पीएफआई की भर्ती, प्रशिक्षण, बैठकों और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल था। उसने धन भी जुटाया था और सह-आरोपियों तथा पीएफआई कार्यकर्ताओं को भी मुहैया कराया था। इस मामले में आईपीसी और यूए(पी) अधिनियम के तहत जांच जारी है।
