वाशिंगटन : अमेरिका में शटडाउन शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद इसे समाप्त करने के लिए मतदान विफल हो गया। सीनेट में डेमोक्रेट सदस्य स्वास्थ्य देखभाल सब्सिडी के लिए धन मुहैया कराने की मांग पर अड़े रहे। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन सदस्य इस सब्सिडी के लिए धन मुहैया करने से इनकार कर रहे हैं। ऐसे में व्हाइट हाउस और संसद के बीच विभिन्न कार्यक्रमों और सेवाओं को जारी रखने के लिए गतिरोध दूर नहीं हो पाने से देश अनिश्चितता में फंस गया है।
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दी चेतावनी : शटडाउन के बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने आगामी दिनों में संघीय कर्मचारियों की छंटनी की चेतावनी दी है। वेंस ने व्हाइट हाउस के प्रेस वार्ता कक्ष में कहा, ‘‘सच कहें तो, अगर यह मामला कुछ और दिनों तक खिंचता है या, ईश्वर ना करे कि कुछ हफ्तों तक चलता है, तो हमें लोगों को नौकरी से निकालना पड़ेगा।’’
कर्मचारियों पर गिरेगी गाज : बता दें कि, अमेरिका में शटडाउन के दौरान संघीय सरकार के लगभग 7,50,000 कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजे जाने की आशंका है जिनमें से कई को नौकरी से हटाया भी जा सकता है। कई कार्यालय बंद कर दिए जाएंगे, शायद स्थायी रूप से, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं को दंडित करने के लिए “ऐसी चीजें करने का संकल्प जताया है।”
कई सेवाओं पर पड़ेगा असर : अमेरिका में शटडाउन के कारण शिक्षा, पर्यावरण और अन्य सेवाएं ठप पड़ जाएंगी। इसका असर पूरे देश में पड़ने की आशंका है। यह तीसरी बार है जब ट्रंप के नेतृत्व में शटडाउन हुआ है। इस साल व्हाइट हाउस में उनकी वापसी के बाद पहली बार यह स्थिति बनी है।
शटडाउन के बारे में जानें : सरकारी शटडाउन तब होता है जब वार्षिक व्यय विधेयकों पर सहमत नहीं हो पाती है। अमेरिकी सरकार के अलग-अलग विभागों को चलाने के लिए भारी मात्रा में फंड की जरूरत होती है। इसके लिए संसद (कांग्रेस) से बजट या फंडिंग बिल पारित कराना जरूरी होता है। लेकिन, जब राजनीतिक मतभेद या गतिरोध की वजह से फंडिंग बिल पारित नहीं हो पाता, तो सरकार के पास कानूनी रूप से खर्च करने के लिए फंड नहीं बचता। ऐसी स्थिति में अमेरिकी सरकार को अपनी गैर-जरूरी सेवाएं बंद करनी पड़ती हैं, जिसे सरकारी शटडाउन कहा जाता है।
