नई दिल्ली : गाजा में युद्धविराम की घोषणा के चंद घंटों बाद ही हमास का क्रूर चेहरा सामने आ गया है। हमास ने इस्राइली जासूस होने का आरोप लगाते हुए गाजा में बीच सड़क आठ लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। हमास ने कैमरे के सामने ये हत्याएं कर अपनी ताकत का भी प्रदर्शन किया है। मालूम हो कि युद्ध विराम के बाद इस्राइली सेना गाजा में पीछे हटने लगी है।
इसी के साथ ही हमास फिर से पूरे दमखम के साथ गाजा में ताकत बढ़ाने में जुट गया है। इसी क्रम में गाजा में इन हत्याओं को अंजाम दिया है। इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें 8 लोगों को आंखों पर पट्टी बांधकर सड़क पर बैठाया गया और हमास के लड़ाकों ने उन्हें गोली मार दी। इस दौरान भीड़ में मौजूद कुछ लोग अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाते भी नजर आए। इस्राइली सेना के पीछे हटने के साथ ही हमास ने स्थानीय हथियारबंद गिरोहों पर हमले शुरू कर दिए हैं, जो इस्राइल के कब्जे वाले इलाकों में ताकतवर हो गए थे। इन पर आरोप है कि ये राहत सामग्री लूटकर बेच रहे थे, जिससे गाजा में भुखमरी बढ़ी। हमास की पुलिस अब इनको निशाना बना रही है।
21 बंधकों के शव अभी हमास के कब्जे में : सात अक्टूबर 2023 को हमास के हमले में पकड़े गए बंधकों की कुल संख्या 251 थी, जिनमें से अदला-बदली या अन्य सौदों के तहत छोड़े गए जीवित बंधकों की संख्या 160 रही। सौदों के तहत 51 बंधकों के शव भी इस्राइल को लौटा दिए गए हैं। अभी भी हमास के पास 21 बंधकों के शव मौजूद हैं। इन्हें लौटाने के लिए इस्राइल ने हमास पर दबाव बढ़ा दिया है।
इस्राइल ने फिलिस्तीनियों के 45 और शव सौंपे इस्राइल ने गाजा से कब्जे में लिए फलस्तीनियों के 45 और शव सौंप दिए। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि उसे इस्राइल से फलस्तीनियों के 45 और शव प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही संघर्ष के दौरान या उसके कब्जे में मारे गए अब तक फलस्तीनियों के कुल 90 शव सौंपे जा चुके हैं।
सहायता रोकने की धमकी के बाद हमास ने शव लौटाना शुरू किया : हमास ने मृत इस्राइली बंधकों के शव तब लौटाए जब इस्राइल ने गाजा भेजे जाने वाले मानवीय सहायता ट्रकों की संख्या आधी करने की घोषणा कर दी। हमास के पास युद्ध विराम से पहले 28 इस्राइली बंधकों के शव थे। इस्राइल ने यह कदम हमास को युद्धविराम का उल्लंघन करने के आरोप में दंडित करने के लिए उठाया। इस बीच, हमास के लड़ाकों ने सड़कों पर सैकड़ों सुरक्षा बलों को तैनात करके गाजा पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रदर्शन किया। हमास ने अब तक मृत बंधकों के आठ ताबूत इस्राइल को सौंप दिए हैं। इस सबको फोरेंसिक जांच के लिए ले जाया गया है।
इस तरह की वारदात गाजा में शांति समझौता के लिए चुनौती : सूत्रों के मुताबिक कुछ फलस्तीनियों के लिए यह कार्रवाई स्वागत योग्य है, क्योंकि पिछले कुछ महीनों में कानून का शासन ढीला हुआ है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की वारदात यह गाजा में शांति समझौते के लिए चुनौती भी पैदा कर सकती है। बता दें कि इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बार-बार कह चुके हैं कि युद्ध तब तक खत्म नहीं होगा जब तक हमास को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जाता।
अभी तक नहीं बना निगरानी निकाय : गौरतलब है कि ट्रंप की शांति योजना के तहत हमास को हथियार छोड़कर सत्ता को अंतरराष्ट्रीय निगरानी वाले निकाय के हवाले करना होगा, जो अभी तक नहीं बना है। हमास ने कहा है कि वह इन शर्तों को पूरी तरह स्वीकार नहीं करता। इसमें अभी अधिक बातचीत की जरूरत है। उसने यह भी कहा कि वह अन्य फलस्तीनियों को सत्ता सौंपने को तैयार है, लेकिन संक्रमण के दौरान अराजकता नहीं होने देगा। इस्राइल के अनुसार, जब तक हमास सशस्त्र रहेगा, गाजा में उसका प्रभाव रहेगा और वह अपनी सैन्य क्षमताओं को फिर से विकसित कर सकता है।
